WhatsApp ‘Restricted Chat’ feature : व्हाट्सएप समय-समय पर अपने यूजर्स की सुविधा के लिए नए फीचर्स लाता रहता है। अब दुनिया का सबसे लोकप्रिय और मुफ्त मैसेजिंग ऐप यूज़र्स के लिए अपनी चैट प्राइवेसी को बेहतर बना रहा है। जिसके लिए इस प्लेटफॉर्म ने ‘रिस्ट्रिक्टेड चैट’ फ़ीचर रोल आउट किया है। जो लिंक्ड डिवाइस और लिंक्ड डिवाइस चैनलों के ज़रिए कनेक्ट होने वाले AI एजेंट्स के लिए एक्सेस बंद कर देता है।
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WhatsApp से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने बताया है कि WhatsApp Android बीटा पर ‘रिस्ट्रिक्टेड चैट’ फ़ीचर रोल आउट कर रहा है। यह फ़ीचर कुछ खास चैट्स को सिर्फ़ प्राइमरी मोबाइल डिवाइस तक ही सीमित रखता है, जिससे लिंक्ड डिवाइस और लिंक्ड डिवाइस चैनलों के ज़रिए कनेक्ट होने वाले AI एजेंट्स से उनका एक्सेस बंद हो जाता है। उसी पब्लिकेशन ने अब खुलासा किया है कि यह फ़ीचर iOS के लिए WhatsApp बीटा में देखा गया था।
WhatsApp is rolling out the Restricted Chat feature on iOS beta!
WhatsApp is introducing an important upgrade for the advanced chat privacy feature.https://t.co/3MGxfZ6iEQ pic.twitter.com/BPm1R6DJdE
— WABetaInfo (@WABetaInfo) October 2, 2026
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‘रिस्ट्रिक्टेड चैट’ फ़ीचरर iOS के लिए WhatsApp बीटा वर्शन 26.39.10.20 अपडेट में देखा गया है, जो TestFlight पर उपलब्ध है। कहा जा रहा है कि यह फ़ीचर अभी कुछ ही बीटा यूज़र्स के लिए उपलब्ध है। यूज़र्स सीधे चैट इन्फ़ो स्क्रीन से अपनी बातचीत पर पाबंदियाँ लगा सकते हैं। जब यूज़र्स नई स्क्रीन खोलते हैं, तो WhatsApp यह समझना आसान बना देता है कि फ़ीचर चालू करने से पहले ऐप कौन-सी पाबंदियाँ लागू करता है। एक बार जब आप टॉगल चालू कर देते हैं, तो WhatsApp बातचीत में शामिल उन सभी लोगों के लिए चार पाबंदियाँ लागू करता है जिन्होंने WhatsApp का लेटेस्ट वर्शन इंस्टॉल किया है। अभी के लिए, यह फ़ीचर सिर्फ़ पर्सनल चैट के लिए उपलब्ध है।
‘रिस्ट्रिक्टेड चैट’ (पाबंदी वाली चैट) से जो चार पाबंदियाँ लागू होती हैं-
1- चैट से मीडिया को अपने-आप डिवाइस की गैलरी में सेव करना मुमकिन नहीं है।
2- यूज़र्स बातचीत को एक्सपोर्ट नहीं कर सकते और चैट में Meta AI फ़ीचर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
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3- रिस्ट्रिक्टेड चैट सुरक्षा की एक और परत जोड़ती है, जिससे बातचीत में शामिल कोई भी व्यक्ति लिंक्ड डिवाइस के ज़रिए इसे एक्सेस नहीं कर पाता।
4- बातचीत लिंक्ड डिवाइस पर उपलब्ध नहीं होती है, और दूसरे लोगों द्वारा जोड़ा गया कोई भी AI एजेंट चैट के मैसेज नहीं पढ़ सकता।
बताया जा रहा है कि चाहे यह फ़ीचर चालू हो या नहीं, मैसेज और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहते हैं। सिर्फ़ बातचीत में शामिल लोग ही उन्हें पढ़ या सुन सकते हैं। एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फ़ीचर ऑप्शनल था, इसलिए यूज़र्स इसे तभी चालू कर सकते थे जब उन्हें इस सुरक्षा की ज़रूरत हो। रिस्ट्रिक्टेड चैट्स के मामले में भी यह फ़ीचर ऑप्शनल ही है, इसलिए इसे चालू करना यूज़र पर निर्भर करता है।
बता दें कि यह फ़ीचर उन कुछ यूज़र्स के लिए उपलब्ध है जो TestFlight से लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करते हैं। चूंकि WhatsApp इसे धीरे-धीरे रोल आउट कर रहा है, इसलिए कुछ यूज़र्स को इस फ़ीचर को चालू करने के लिए थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है।