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मुख्यमंत्री नहीं, गोरक्षपीठाधीश्वर की परंपरागत भूमिका में दिखे योगी: माथे पर तिलक, नाथपंथ का ​परिधान, सीएम ने की दो घंटे तक विशेष पूजा

By Harsh 
Updated Date

गोरखपुर।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विजयादशमी पर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में एक अलग ही भूमिका में नजर आए। भगवा वस्त्रों और नाथपंथ की पारंपरिक वेशभूषा धारण कर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। यह अनुष्ठान दो घंटे से अधिक समय तक चला। इस दौरान उन्होंने केवल गुरु गोरखनाथ ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में स्थापित विभिन्न देव विग्रहों और नाथपंथ के संतों की समाधियों पर भी विधि-विधान से पूजा की।

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मुख्यमंत्री नहीं, गोरक्षपीठाधीश्वर की परंपरागत भूमिका में दिखे योगी

विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर में होने वाला यह अनुष्ठान गोरक्षपीठ की पुरानी परंपरा का हिस्सा है। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के विशेष परिधान और धार्मिक प्रतीक धारण करते हैं। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शंख, डमरू, घंट और तुरही जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि के साथ पूजा संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ को पूजन सामग्री अर्पित की, आरती उतारी और चंवर डुलाकर सेवा की। इसके बाद अखंड ज्योति, अखंड धूना, यज्ञशाला और मंदिर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं का पूजन किया।

गुरु की समाधि पर नमन, प्रदेश की खुशहाली की कामना

पूजा के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और अन्य संतों की समाधि स्थलों पर भी पहुंचे। उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ और योगिराज बाबा गंभीरनाथ सहित नाथपंथ की विभूतियों को नमन किया। इस विशेष पूजा के जरिए उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। अनुष्ठान के बाद उन्होंने मंदिर की गोशाला में गोपूजन किया और गायों को गुड़ खिलाया। भीम सरोवर में मछलियों को लाई खिलाकर गोसेवा और जीवों के प्रति करुणा की परंपरा भी निभाई।

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आखिर विजयादशमी पर ही क्यों होता है यह विशेष पूजन?

गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी का पर्व केवल दशहरा मनाने तक सीमित नहीं है। यह गोरक्षपीठ की धार्मिक परंपरा और नाथपंथ की गुरु-शिष्य परंपरा से भी जुड़ा है। इस दिन पीठाधीश्वर विशेष अनुष्ठान के जरिए गुरु गोरखनाथ के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं और लोककल्याण की प्रार्थना करते हैं। शाम को योगी आदित्यनाथ पारंपरिक विजय शोभायात्रा की अगुवाई भी करेंगे।

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