Akshaya Tritiya 2024 : मां गंगा अक्षय तृतीया के दिन धरती पर अवतरित हुई थीं। माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान वेदव्यास ने महाभारत की कथा सुनाना शुरू किया था और भगवान गणपति ने इसे लिखना शुरू किया था। इस महाभारत में ही गीता भी समाहित है। इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।अक्षय तृतीया को बहुत शुभ मूहूर्त माना जाता है। इस दिन को बहुत पुनीत माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन पूजा और दान-धर्म करने का विशेष महत्व है। इस दिन विशेष रूप से सोने, चांदी, या अन्य धन की खरीदारी की जाती है। यह माना जाता है कि इस दिन मांगलिक कार्यों के लिए किसी शुभ मुहूर्त की जरूरत नहीं पड़ती। अक्षय तृतीया 2024 ( Akshaya Tritiya 2024 ) में 24 अप्रैल को है। शुभ मुहूर्त सुबह 5:33 से दोपहर 12:18 तक है।
पढ़ें :- Mahashivratri 2026 : शिव पूजा के महापर्व महाशिवरात्रि के दिन करें इन चीजों का दान , पितृ दोष से मिलेगा छुटकारा
अक्षय तृतीया पूजा शुभ मुहूर्त ( Akshaya Tritiya Pooja Shubh Muhoort )
अक्षय तृतीया के दिन लोग भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इसके अक्षय तृतीया के दिन लोग धन लाभ के लिए नए शुरुआतों का आगाज़ करते हैं और धार्मिक कार्यों में योगदान करते हैं।
अक्षय तृतीया का महत्व ( Importance of Akshaya Tritiya )
अक्षय तृतीया ( Akshaya Tritiya ) का मतलब है जिसका कभी क्षय नहीं होता है।
इसे शुभ तिथि माना जाता है और इस दिन कोई भी महत्वपूर्ण काम कर सकते है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनकी शादी की तारीख़ तय नहीं हो रही है। इस दिन स्नान और दान करने से आपके साथ सुख और समृद्धि हमेशा बनी रहती है। अक्षय तृतीया पर आप जो भी धन, वैभव, ज्ञान, पुण्य अर्पित करते हैं, उसमें कोई कमी नहीं होती।