लखनऊ। अयोध्या और आसपास के जिलों में नेताओं और अफसरों के परिवार ने जमकर जमीन खरीदी है। यहां पर जमीन की खरीदारी उस समय शुरू हुई जब राम मंदिर निर्माण का रास्ता खोलने वाला सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। इसके बाद नेताओं और अफसरों ने अपने परिवार के नाम पर यहां पर खूब जमीन खरीदी। इसको खुलासा अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में हुआ है, जिसके बाद अब सियासत भी शुरू हो गयी है।
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अखिलेश यादव ने इस खबर की कटिंग को शेयर करते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, अयोध्या-फ़ैज़ाबाद और आसपास के क्षेत्र में रहनेवालों को इसका कोई भी लाभ नहीं मिला। ग़रीबों और किसानों से औने-पौने दाम पर ज़मीन लेना, एक तरह से ज़मीन हड़पना है।
जैसे-जैसे अयोध्या की ज़मीन के सौदों का भंडाफोड़ हो रहा है, उससे ये सच सामने आ रहा है कि भाजपा राज में अयोध्या के बाहर के लोगों ने मुनाफ़ा कमाने के लिए बड़े स्तर पर ज़मीन की ख़रीद-फ़रोख़्त की है। भाजपा सरकार द्वारा पिछले 7 सालों से सर्किल रेट न बढ़ाना, स्थानीय लोगों के ख़िलाफ़ एक… pic.twitter.com/zzXKpdc40A
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 10, 2024
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अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि, जैसे-जैसे अयोध्या की ज़मीन के सौदों का भंडाफोड़ हो रहा है, उससे ये सच सामने आ रहा है कि भाजपा राज में अयोध्या के बाहर के लोगों ने मुनाफ़ा कमाने के लिए बड़े स्तर पर ज़मीन की ख़रीद-फ़रोख़्त की है। भाजपा सरकार द्वारा पिछले 7 सालों से सर्किल रेट न बढ़ाना, स्थानीय लोगों के ख़िलाफ़ एक आर्थिक षड्यंत्र है। इसकी वजह से अरबों रुपये के भूमि घोटाले हुए हैं। यहां आस्थावानों ने नहीं बल्कि भू-माफ़ियाओं ने ज़मीनें ख़रीदी हैं।
इन सबसे अयोध्या-फ़ैज़ाबाद और आसपास के क्षेत्र में रहनेवालों को इसका कोई भी लाभ नहीं मिला। ग़रीबों और किसानों से औने-पौने दाम पर ज़मीन लेना, एक तरह से ज़मीन हड़पना है। हम अयोध्या में तथाकथित विकास के नाम पर हुई ‘धांधली’ और भूमि सौदों की गहन जांच और समीक्षा की माँग करते हैं।