अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) के महासचिव चंपत राय (General Secretary Champat Rai) ने कहा कि 16 जनवरी मंगलवार से ही प्राण प्रतिष्ठा की पूजा विधि शुरू की जाएगी, जो कि 21 जनवरी तक चलेगी। चंपत राय ने बताया कि रामलला प्राण प्रतिष्ठा (Ramlala Prana Pratistha) के समय गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गर्भगृह में मौजूद रहेंगे।
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प्रभु श्रीराम की प्रतिमा को 18 जनवरी को गर्भगृह ले जाया जाएगा। प्रभु श्रीराम की प्रतिमा का वजन 150 से 200 किलोग्राम है। मंदिर न्यास के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मैसूरु के शिल्पकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई रामलला की एक नयी मूर्ति को अयोध्या में राम मंदिर में स्थापना के लिए चुना गया है। सत्तर साल से जिस प्रतिमा की पूजा होती रही है वो मूर्ति भी मुख्य गर्भगृह में रहेगी। मैसूरु के शिल्पकार अरुण योगीराज ने केदारनाथ में शंकाराचार्य की प्रतिमा बनाई है। दिल्ली के इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोष की प्रतिमा भी उन्होंने ही बनाई है।
मूर्ति निर्माण स्थल से होगा पूजन का शुभारंभ
श्री राम लला की मूर्ति का जिस कुटिया में निर्माण किया गया 16 जनवरी को पूजन का प्रारंभ इसी कर्म कुटी से होगा। इसके बाद मूर्ति का निर्माण करने वाले शिल्पी का प्रायश्चित पूजन होगा। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने बताया कि 17 फरवरी को श्री विग्रह का परिसर भ्रमण कराया जाएगा तथा गर्भगृह का शुद्धिकरण होगा। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी से अधिवास प्रारंभ होगा दोनों समय जलाधिवास होगा साथ ही सुगंधि और गंधाधिवास भी होगा 19 जनवरी को प्रातः फल अधिवास और शाम को धान्य अधिवास होगा।
इसी तरह 20 जनवरी को सुबह पुष्प और रत्न अधिवास शाम को घृत अधिवास होगा। श्री तिवारी के अनुसार 21 जनवरी को प्रात: शर्करा, मिष्ठान और मधु अधिवास होगा,शाम को औषधि और शय्या अधिवास होगा। भगवान राम सूर्यवंशी हैं और आदित्य भी द्वादश हैं । इसलिए द्वादश अधिवास हो रहे हैं। बताते चलें कि राम मंदिर में होने वाले इस कार्यक्रम का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही पूरे देश का माहौल ‘राम मय’ हो गया है. धरती से आसमान तक सिर्फ ‘राम नाम की गूंज’ सुनाई दे रही है।
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राम मंदिर की वजह से लाखों रुपये का करोबार मिलेगा। 22 जनवरी दोपहर 1 बजे तक प्राण प्रतिष्ठा की पूजा को सम्पन्न कर लिया जाएगा। 21 और 22 जनवरी को आम भक्त प्रभु श्रीराम के दर्शन नहीं कर पाएंगे। 23 जनवरी की सुबह से सभी के लिए राम मंदिर खुला है, मतलब जो भी आएंगे वे भगवान राम के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश के गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसमें खिलाड़ी, लेखक, वैज्ञानिक सहित अलग-अलग विधाओं के प्रतिष्ठित लोगों को बुलाया गया है।