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जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के भांजे की हालत बिगड़ी; 18 दिन से भूख हड़ताल पर, इलाज कराने से भी किया इनकार

By Kalpna Pandey 
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Lawrence Bishnoi Gang: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपी सचिन थापन की अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में तबीयत बिगड़ गई है। करीब 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सचिन को हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि जेल प्रशासन के मुताबिक, उसकी यह भूख हड़ताल किसी कानूनी मांग या बुनियादी सुविधा को लेकर नहीं, बल्कि अपने दो साथियों को एक ही बैरक में रखने की जिद को लेकर है। अस्पताल पहुंचने के बाद भी उसने इलाज कराने से इनकार कर दिया, जिससे उसकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बंद सचिन थापन की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों की टीम उसका उपचार करने में जुटी है। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। लगातार कई दिनों तक खाना नहीं खाने के कारण उसके शरीर में कमजोरी आने की बात सामने आई है। फिलहाल डॉक्टर उसकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।

जेल अधीक्षक के मुताबिक, सचिन थापन के दो साथी भी इसी जेल में बंद हैं। हाल ही में दोनों ने अपनी बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद सचिन ने मांग रखी कि दोनों साथियों को उसकी ही बैरक में रखा जाए।

जेल प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए उसकी मांग मानने से इनकार कर दिया। इसी के विरोध में सचिन ने खाना-पीना छोड़कर भूख हड़ताल शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि वह करीब 17 से 18 दिनों से अन्न त्यागे हुए है। जेल प्रशासन का कहना है कि उसकी मांग सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच जेल सूत्रों ने यह भी बताया कि नवरात्रि के दौरान सचिन ने व्रत रखा था और बैरक में पूजा-पाठ भी कर रहा था। हालांकि, मौजूदा भूख हड़ताल की वजह उसके साथियों को एक ही बैरक में रखने की मांग बताई जा रही है। अब तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में इलाज से इनकार करने के बाद जेल प्रशासन के सामने उसकी सेहत संभालने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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