Diwali Shubh Muhurat 2025: देश में आज धूमधाम से दिवाली मनाई जा रही है। दिवाली में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व इसलिए माना गया है क्योंकि यह समय आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली और शुभफलदायी होता है।
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हिंदू पंचांग के अनुसार, सूर्यास्त के बाद का लगभग दो घंटे का समय प्रदोष काल कहलाता है, जो दिन और रात के मिलन का संधिकाल होता है। इस समय ब्रह्मांड में सात्विक और दिव्य ऊर्जा का प्रवाह अपने उच्चतम स्तर पर होता है, जिससे की गई पूजा अत्यधिक प्रभावशाली और फलदायी मानी जाती है।
इस तरह करें मां लक्ष्मी का पूजन
. मां लक्ष्मी के पूजन से पहले घर की साफ-सफाई करें और सभी जगह गंगाजल का छिड़काव करें।
. घर के मुख्य दरवाजे पर रंगोली और तोरण द्वार बनाएं।
. मां लक्ष्मी के पूजन से पहले सर्वप्रथम एक साफ चौकी पर लाल रंग का नया वस्त्र बिछाएं। इसके बाद लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें और सजावट का सामान से चौकी सजाएं।
. माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की मूर्ति को वस्त्र पहनाएं और इस दौरान देवी को चुनरी अवश्य अर्पित करें।
. शुद्ध देसी घी से दीपक जलाएं और इसके साथ ही घर के कोने में रखने के लिए कम से कम 21 दिए भी इसके साथ जलाएं।
. अब भगवान गणेश जी की आरती करें और गणेश चालीसा का पाठ भी करें
. देवी लक्ष्मी की आरती और मंत्रों का जाप करें।