लखनऊ। कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को लोक भवन, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि किसानों को यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरक निर्धारित खुदरा मूल्य पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे। उर्वरकों की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से होगी और प्रत्येक किसान को उसकी जोतबही और फसल की संस्तुति के अनुसार उर्वरक दिया जाएगा।
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कृषि मंत्री ने बताया कि बिना रसीद के उर्वरक की बिक्री प्रतिबंधित है। अनियमितताओं पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य उत्पादों की अनिवार्य टैगिंग, ओवररेटिंग या जबरन बिक्री पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
सीतापुर और लखनऊ में 23 जून को उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई अनियमितताएँ पाई गईं। सीतापुर में जैन इंटरप्राइजेज, बालाजी ट्रेडर्स, न्यू अय्यूब खाद भंडार आदि प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। लखनऊ में किसान खाद भंडार बेहटा और थोक विक्रेताओं द्वारा अधिक दर पर उर्वरक बेचने की पुष्टि होने पर उनके लाइसेंस निलंबित कर विधिक कार्यवाही शुरू की गई।
कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ 2025 सीजन में अब तक 39.58 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता रही है, जिसमें से 25.62 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हो चुकी है और 9.91 लाख मीट्रिक टन स्टॉक में शेष है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वितरण प्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसानों को किसी भी हाल में अधिक मूल्य या दबावपूर्वक कोई अन्य उत्पाद न बेचा जाए।