मुंबई। फोर्ब्स की 2026 की भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट आ गई है। इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गौतम अडानी एक बार फिर भारत के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। उनकी संपत्ति बढ़कर 112.7 अरब डॉलर (करीब 9.4 लाख करोड़ रुपये) हो गई है। वहीं, मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर खिसक गए हैं। उनकी दौलत 18.7 अरब डॉलर घट गई है और अब 86.3 अरब डॉलर रह गई है।
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[01/10, 11:37] Anu Singh: गौतम अडानी फिर बने भारत के सबसे अमीर शख्स, मुकेश अंबानी क्यों दूसरे नंबर पर खिसकेफोर्ब्स की 2026 की भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट आ गई है। इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गौतम अडानी एक बार फिर भारत के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। उनकी संपत्ति बढ़कर 112.7 अरब डॉलर (करीब 9.4 लाख करोड़ रुपये) हो गई है। वहीं, मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर खिसक गए हैं। उनकी दौलत 18.7 अरब डॉलर घट गई है और अब 86.3 अरब डॉलर रह गई है।
[01/10, 11:38] Anu Singh: क्या कहती है हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026
वहीं, हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में भी अडानी को सबसे अमीर भारतीय बताया गया है। हुरुन लिस्ट के मुताबिक, अडानी फैमिली की संपत्ति 13 प्रतिशत बढ़कर 9.23 लाख करोड़ रुपये (96 अरब डॉलर) हो गई है। वहीं, मुकेश अंबानी और परिवार की संपत्ति 10 प्रतिशत घटकर 8.63 लाख करोड़ रुपये (90 अरब डॉलर) रह गई।
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हुरुन की लिस्ट में कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले 1,810 लोगों को शामिल किया गया है। इनके पास कुल 187.5 लाख करोड़ रुपये (1.96 ट्रिलियन डॉलर) की संपत्ति है, जो पिछले साल के मुकाबले 12.8 प्रतिशत अधिक है। यह राशि भारत की जीडीपी के करीब आधे के बराबर है। भारत में अब डॉलर अरबपतियों की संख्या रिकॉर्ड 391 हो गई है। पांच साल पहले यह संख्या 237 थी।
फोर्ब्स और हुरुन की लिस्ट में आंकड़ों में क्यों है अंतर: फोर्ब्स और हुरुन की लिस्ट में संपत्ति के आंकड़े अलग हैं, क्योंकि दोनों संस्थाएं अलग-अलग तरीकों और अलग-अलग तारीखों पर संपत्ति का मूल्यांकन करती हैं। फोर्ब्स ने संपत्ति का आकलन करने के लिए परिवारों और व्यक्तियों की हिस्सेदारी तथा वित्तीय आंकड़ों के साथ शेयर बाजारों, विश्लेषकों और नियामकों से प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल किया है।
अडानी ने 3 साल बाद वापस पाया पहला स्थान
अडानी पिछले तीन साल से दूसरे नंबर पर थे। इस बार उन्होंने वापसी की है। उनकी संपत्ति में 20.7 अरब डॉलर का उछाल आया है, जो इस पूरी लिस्ट में सबसे ज्यादा है।यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब भारतीय बाजार के लिए साल कठिन रहा। रुपया 8.5% और शेयर बाजार 9.5% तक गिर गया था। फिर भी देश के 100 सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति करीब 1 ट्रिलियन डॉलर पर बनी हुई है।
अडानी की दौलत कैसे बढ़ी?
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अडानी की दौलत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह उनका इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार है। साथ ही, अडानी ग्रुप अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी बड़ा निवेश कर रहा है। कंपनी इस सेक्टर में 100 अरब डॉलर लगाने की तैयारी में है। हालांकि, अडानी परिवार की संपत्ति अभी भी 2022 में छुए गए 150 अरब डॉलर के शिखर से कम है।
अंबानी क्यों फिसले दूसरे नंबर पर
मुकेश अंबानी की संपत्ति पिछले साल 105 अरब डॉलर थी, जो अब घटकर 86.3 अरब डॉलर रह गई है। फोर्ब्स के मुताबिक, इस गिरावट की वजह रिलायंस के कारोबार पर मुनाफे का दबाव है। खासतौर पर रिटेल बिजनेस में मार्जिन कम होने से कंपनी के शेयरों पर असर पड़ा है।
हालांकि, अंबानी के पास एक बड़ा मौका भी है। रिलायंस का मोबाइल नेटवर्क जियो प्लेटफॉर्म्स अब IPO (शेयर बाजार में लिस्टिंग) के लिए तैयार है। कंपनी को नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। अगर यह IPO 3.8 अरब डॉलर तक का होता है, तो यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
सात लोग सूची में दोबारा शामिल
इस बार सात लोग सूची में दोबारा शामिल हुए हैं। इनमें अनिल अग्रवाल 41वें स्थान पर हैं और उनकी संपत्ति 6.4 अरब डॉलर है। उन्होंने जून में वेदांता को पांच सूचीबद्ध कंपनियों में बांटा था। फोर्ब्स की सूची में शामिल होने के लिए न्यूनतम संपत्ति की सीमा भी घटकर 3 अरब डॉलर रह गई है। पिछले साल यह सीमा 3.2 अरब डॉलर थी।
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टॉप-4 में बाकी कौन?
तीसरे नंबर पर सावित्री जिंदल बनी हुई हैं। ओ.पी. जिंदल ग्रुप की मुखिया सावित्री जिंदल की संपत्ति थोड़ी घटकर 39.8 अरब डॉलर हो गई है। चौथे नंबर पर स्टील कारोबारी लक्ष्मी मित्तल पहुंच गए हैं। उनकी संपत्ति 74% बढ़कर 34.7 अरब डॉलर हो गई है। इस बढ़ोतरी से वे आठ स्थान ऊपर चढ़ गए हैं।
इस साल चार नए अरबपति भी जुड़े
कृष्णा चिवुकुला: जुलाई में अपनी प्रिसीजन-इंजीनियरिंग कंपनी इंडो-मिम को लिस्ट कराया।
कुशल और चैतन्य देसाई: दोनों भाइयों की संपत्ति 4.25 अरब डॉलर है। केबल बनाने वाली कंपनी अपर इंडस्ट्रीज के शेयर साल भर में लगभग दोगुने हो गए।
आदित्य खेमका: 83वें नंबर पर एंट्री। सिक्योरिटी और सर्विलांस उपकरण बनाने वाली कंपनी आदित्य इन्फोटेक के शेयर चढ़ने से उनकी पारिवारिक संपत्ति 3.6 अरब डॉलर हो गई।
बालाजी वेफर्स के संस्थापक भीखाभाई, चंदूभाई और कंजीभाई विरानी: जनवरी में अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक को कंपनी की कुछ हिस्सेदारी बेचने के बाद लिस्ट में शामिल हुए।
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इन अरबपतियों की संपत्ति घटी: एचसीएल टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन एमेरिटस शिव नादर, विप्रो के संस्थापक-चेयरमैन अजीम प्रेमजी और इंफोसिस के को-फाउंडर एन.आर. नारायण मूर्ति की संपत्ति इस साल घट गई है।