लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कूड़ा निस्तारण के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। चंद दिनों पूर्व बनी कंपनियां आज हजारों करोड़ का टर्नओवर दिखा रही हैं। लेकिन कूड़ा निस्तारण के नाम पर ये कंपनियां सिर्फ भ्रष्टाचार कर रही हैं और पीएम मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के सपने को पलीता लगा रही हैं। कूड़ा निस्तारण में भ्रष्टाचार करने वाली कंपनियों की बात करें तो सबसे पहले ENVIRONMENTAL TECHNO का नाम सबसे ऊपर आता है, जो कुछ साल पहले कूड़ा निस्तारण क्षेत्र में काम करने के लिए उतरी थी लेकिन अब ये कंपनी भ्रष्टाचार का वटवृक्ष बन गयी है। इस कंपनी के खिलाफ कई शिकायतें भी हुईं लेकिन अपने रसूख के चलते ENVIRONMENTAL TECHNO जांच से बच निकली।
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सूत्रों की माने तो कूड़ा निस्तारण में लेग्गसी और फ्रेसलेस में पिछले 10 सालों में जितनी कंपनियां काम कर रही हैं, वो जमकर अनियमितता कर रही हैं। टेंडर के बाद कूड़े के निस्तारण में बड़ा खेल इनकी तरफ से किया जाता है। बताया जा रहा है कि, ENVIRONMENTAL TECHNO, इकोस्टन समेत अन्य कंपनियां कूड़ा निस्तारण के नाम पर खूब खेल कर रही हैं। चंद सालों पहले बनी ये कंपनियां आज हजारों करोड़ का टर्नओवर दिखा रही हैं, जबकि ये कंपनियां कूड़ा निस्तारण में बना खेल करती हैं, जिसके कई सबूत भी सामने आ चुके हैं। सूत्रों की माने तो ENVIRONMENTAL TECHNO, इकोस्टन समेत अन्य कंपनियां इनवार्मेंट इंजीनियर की मिलीभगत से टेंडर हासिल कर रहे हैं।
टेंडर के लिए करोड़ों की कीमत की गिफ्ट कर रहे गाड़ियां
सूत्रों ने बताया कि, टेंडर के लिए इन कंपनियों के मालिक करोड़ों रुपयों कीमत की गाड़ियां भी गिफ्ट कर रहे हैं। इनवार्मेंट टेक्नो के मालिक ने जिन लोगों को गाड़ियां गिफ्ट की हैं, उसका भी जल्द खुलासा किया जाएगा। अगर इन कंपनियों की जांच हो तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आएंगे।