नई दिल्ली। कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल (Commerce Secretary Rajesh Agarwal) ने शुक्रवार को कहा कि भारत को उम्मीद है कि वह इसी कैलेंडर साल में इंडिया-यूएस बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (India-US Bilateral Trade Agreement) के पहले हिस्से पर साइन कर लेगा। एफआईसीसीआई की एनुअल जनरल मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि ग्लोबल ट्रेड (global trade) की स्थितियों में हाल के बदलावों के बावजूद बातचीत काफी आगे बढ़ी है।
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कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि मुझे लगता है कि हमें बहुत उम्मीद है कि हम इसी कैलेंडर साल में कोई हल निकाल लेंगे। हालांकि कॉमर्स सेक्रेटरी ने चेतावनी दी कि ट्रेड बातचीत का कोई अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रेड बातचीत के साथ, आखिरी डेडलाइन तय नहीं हो सकती क्योंकि अगर पार्टनर में से किसी एक के मन में भी कोई एक अड़चन या कोई एक मुद्दा है, तो ट्रेड डील उस डेडलाइन को पूरा नहीं कर सकती है। भारत और यूएस शुरू में 2025 के पतझड़ तक इंडिया-यूएस बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (India-US Bilateral Trade Agreement) के पहले हिस्से को पूरा करने का लक्ष्य बना रहे थे, लेकिन यूएस ट्रेड पॉलिसी के माहौल में नए डेवलपमेंट, जिसमें टैरिफ शामिल हैं ने उन योजनाओं को बदल दिया है। सेक्रेटरी ने कहा कि हमने ग्लोबल ट्रेड माहौल में बहुत सारे बदलाव देखे हैं। एक खास बात US के हालात में रही है, जहां उसने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए, जो सभी ट्रेडिंग पार्टनर पर लगाए गए।