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ईरान 3 छोटी शर्तों पर होर्मुज खोलने को तैयार, परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी कही बड़ी बात

By Abhimanyu 
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US-Iran Conflict: अमेरिका के साथ सैन्य संघर्ष के बीच ईरान एक बार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने को तैयार हो गया है। लेकिन, इसके बदले उसने अमेरिका के सामने तीन अहम शर्तें रखीं हैं। ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी हटा ले, ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को खत्म कर दे और लेबनान सहित युद्धविराम का पालन करे, तो वह सात दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल देगा और अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू कर देगा।

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाहर पत्रकारों को इस प्रस्ताव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ रुकी हुई बातचीत भी फिर से शुरू हो जाएगी।उन्होंने कहा, “सात दिन की समय-सीमा तभी शुरू होगी जब अमेरिका इस योजना को स्वीकार कर लेगा।” अराघची ने कहा कि शुरुआती कदमों को पूरा करने में लगभग चार से पांच दिन लगेंगे और छठे दिन जलडमरूमध्य खोल दिया जाएगा। उन्होंने परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा, “और सातवें दिन, आपसी सहमति वाले विषयों पर अंतिम समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत शुरू हो जाएगी।”

ईरान का उस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा डालना — जहाँ से युद्ध से पहले दुनिया का पाँचवाँ हिस्सा तेल और गैस का व्यापार होता था — उसकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है। इसके असर मध्य पूर्व से कहीं दूर तक महसूस किए गए हैं और नवंबर में होने वाले मध्यावधि कांग्रेसी चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

व्हाइट हाउस ने बस इतना कहा कि अमेरिकी अधिकारी ईरान युद्ध को लेकर मध्यस्थों के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत कर रहे हैं। सवालों के जवाब में, उसने कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बड़े पैमाने पर तेल निर्यात में मदद कर रहा है। खाड़ी के अरब देशों की ओर से इस प्रस्ताव पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं आई।

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