Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. ‘पंडाल में था अंधेरा! लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट के बाद मची अफरा-तफरी…’ कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ की वजह आयी सामने

‘पंडाल में था अंधेरा! लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट के बाद मची अफरा-तफरी…’ कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ की वजह आयी सामने

By Abhimanyu 
Updated Date

Kolkata Durga Puja Stampede : शारदीय नवरात्रि की सप्तमी को कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में एक बड़ा हादसा हुआ। जिसमें 19 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 25 लोग घायल हो गए। अब शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के पीछे की वजह और व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आ रही है। जिसमें बारिश के कारण एग्जिट गेट का एक हिस्सा गिरने और लोगों को बाहर निकालने के लिए किए गए लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट को बड़ी वजह माना जा रहा है।

पढ़ें :- आकाश आनंद अयोध्या-आगरा-बुलन्दशहर और कानपुर में करेंगे ताबड़तोड़ रैलियां, मायावती ने सौंपी तीन राज्यों के चुनाव की जिम्मेदारी!

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश शुरू होते ही भीड़ बढ़ने लगी। इस दौरान एग्जिट गेट का एक हिस्सा गिर गया। जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने सीटी बजानी शुरू कर दी और लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट करने लगे। जिसके बाद भगदड़ मच गयी। ‘बियॉन्ड साउंड’ होने के कारण पंडाल की थीम के अंदर लगभग अंधेरा था। वहीं, एंट्री और एग्जिट के लिए एक-एक गेट था, जो संकरी गलियों में खुलता था। ऐसे में भगदड़ में लोगों को संभलने और बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। हादसे में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 25 घायल हो गए।

एक मीडिया आउटलेट को घटना के एक पीड़ित ने बताया, “वहां जगह काफ़ी संकरी थी। काफ़ी लोग कतार में खड़े थे। वहां पूरी तरह अंधेरा था और एक भी लाइट नहीं लगी थी। मेरी नातिन और अन्य बच्चे मेरे साथ थे। दो बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। मैं भी गिर गया था। वहां हादसे के आधे घंटे तक कोई पुलिस या कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं था।” एक महिला चश्मदीद ने बताया, “यहां बहुत भीड़ हो गई और भीड़ की वजह से लोग गिर गए।” एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि पंडाल से निकलते समय भगदड़ हुई। कोई वॉलंटियर वहां मौजूद नहीं था. कोई व्यवस्था नहीं की गई।

पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, आयोजकों के लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट के बाद अफरा-तफरी मची। 17 लोगों की मौत मौके पर ही हुई थी। इस हादसे में घायलों में 24 की हालत खतरे से बाहर है, जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस हादसे के बाद कोलकाता पुलिस ने आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इस घटना से जुड़े सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं ताकि हादसे के कारणों और दोषियों का पता लगाया जा सके। बता दें कि चोरबागान में आयोजित होने वाली पूजा 90 साल से ज़्यादा पुरानी है, लेकिन पहले बार ऐसी घटना देखने को नहीं मिली है।

पढ़ें :- Gwalior Horrific Accident : शीतला माता मंदिर की लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, 13 मौतें और 39 घायल
Advertisement