लखनऊ। लखनऊ में कुकरैल नदी के किनारे निजी भवनों पर बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा। इन भवनों पर लाल निशान लाने केबाद से हड़कंप मचा था। लगातार वहां रहने वाले लोग धरना प्रदर्शन कर रहे थे। अब यहां के लोगों को बड़ी राहत मिली है। यहां रहने वाले लोगों के घरों पर अब बुलडोजर नहीं चलेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ से यहां के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात भी की। दरअसल, कुकरैल रिवरफ्रंट के दायरे में रहीमनगर, खुर्रमनगर, पंतनगर, इंद्रप्रस्थनगर और अबरारनगर के कई घर आ रहे थे। इन घरों पर लाल निशाना लगाया गया था, जिसके बाद से वहां के लोग लगातार इसका विरोध कर रहे थे।
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मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे प्रभावित परिवारों के भय और भ्रम का समाधान करते हुए ने मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पंतनगर हो या इंद्रप्रस्थ नगर, वहां निवासरत लोगों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। संबंधित प्रकरण में एनजीटी के आदेशों के क्रम में नदी के फ्लड प्लेन जोन का चिन्हांकन किया गया है। फ्लड प्लेन ज़ोन में निजी भूमि भी सम्मिलित है। लेकिन निजी भूमि को खाली कराने की न तो वर्तमान में कोई आवश्यकता है और न ही कोई प्रस्ताव है।
लखनऊ में पंतनगर हो या इंद्रप्रस्थनगर, यहां के हर निवासी की सुरक्षा और संतुष्टि हमारी जिम्मेदारी है।
कुकरैल नदी पुनर्जीवन परियोजना से प्रभावित परिवार निश्चिंत रहें। निजी मकानों पर चिह्नीकरण का कोई औचित्य नहीं था, ऐसा करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
संबंधित अधिकारियों को…
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 16, 2024
निजी भूमियों में बने निजी भवनों के ध्वस्तीकरण का कोई विषय विचाराधीन नहीं है। यही नहीं, उन्होंने कहा कि फ्लड प्लेन जोन चिन्हींकरण के दौरान भवन निर्माणों पर लगाये गये संकेतों से आम जन में भय और भ्रम फैला है, इसका कोई औचित्य नहीं था और इसके लिए जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने उक्त क्षेत्र में साफ-सफाई व जनसुविधाओं के विकास के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तत्काल क्षेत्र में विजिट करें, लोगों से मिलें और उनका भय और भ्रम दूर किया जाए।