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Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति के दिन खाई जाती है खिचड़ी , कुंडली में ग्रहों की स्थिति होती है मजबूत  

By अनूप कुमार 
Updated Date

Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति ,खिचड़ी और ग्रहों का अद्भुत संयोग जीवन में संकटों बाधाओं   को दूर करता है। इस दिन भगवान सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और सूर्य देव उत्तरायण होते हैं। इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा।
मकर संक्रांति के दिन  यदि नियम पूर्वक सूर्यदेव का पूजन किया जाए तो कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है और करियर में सफलता प्राप्त होती है। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी दान करने और खिचड़ी खाने की परंपरा है। कुंडली में ग्रहों के साथ खिचड़ी का आपसी संबंध है। खिचड़ी बनाने में जिन वस्तुओं उपयोग होता है वे ग्रहों को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाते है।
आइये जानते है आखिर इस दिन खिचड़ी क्यों खाई जाती है?

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ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मकर संक्रांति पर ग्रह गोचर और खिचड़ी का विशेष महत्व है। इस दिन जो खिचड़ी बनाई जाती है उसका संबंध किसी न किसी ग्रह से रहता है।

चावल का संबंध चंद्रमा से
खिचड़ी में इस्तेमाल होने वाले चावल का संबंध चंद्रमा से होता है।

उड़द की दाल का संबंध शनिदेव से
खिचड़ी में डाली जाने वाली उड़द की दाल का संबंध शनिदेव से होता है।

हल्दी का संबंध गुरु देव से
खिचड़ी में हल्दी का संबंध गुरु देव से होता है।

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हरी सब्जियों का संबंध बुध देव से
खिचड़ी में हरी सब्जियों का संबंध बुध देव से माना गया है।

घी का संबंध सूर्य देव
इसके अलावा खिचड़ी में घी का संबंध सूर्य देव से होता है। इसलिए मकर संक्रांति की खिचड़ी को बेहद खास माना जाता है। इस दिन गुड़, तिल और खिचड़ी का सेवन भी जरूर करें।

खिचड़ी को पौष्टिक आहार माना जाता है
मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने और खाने की परंपरा का उल्लेख कई प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, खिचड़ी भगवान सूर्य और शनि देव से जुड़ी है। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने और खाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। दाल, चावल और हरी सब्जियों को मिलाकर खिचड़ी बनाई जाती है। इसलिए खिचड़ी को पौष्टिक आहार माना जाता है। खिचड़ी खाने से सर्दियों में एनर्जी मिलती है। साथ ही शरीर गर्म रहता है। मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है।

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