नई दिल्ली: मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ मौजूदा विधायक नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू व पार्टी नेताओं की मौजूदगी में BJP की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके साथ ही 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई।
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आठ विधायकों के पार्टी बदलने का सीधा असर UDP पर पड़ा है। विधानसभा में अब उसके सिर्फ चार विधायक रह गए हैं। वहीं भाजपा, नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
किन मुद्दों को लेकर हुई थी BJP से बातचीत?
इन विधायकों के भाजपा में आने की चर्चा कई दिनों से चल रही थी। इससे पहले आठों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान कोयला खनन से जुड़े नियमों में बदलाव, खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह देने और मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (MRSSA) को लागू करने जैसे मुद्दे उठाए गए थे।
इसके अलावा शिलॉन्ग की थेम इव मावलोंग स्थित हरिजन कॉलोनी के पुनर्वास का मुद्दा भी सामने आया था। इसके बाद बुधवार को दिल्ली में विधायकों ने औपचारिक रूप से भाजपा का दामन थाम लिया।
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एक ही गठबंधन में अब बदल गया समीकरण
मेघालय में मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में NPP की सरकार है। सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) में NPP के साथ BJP और UDP भी सहयोगी रहे हैं। अब UDP के आठ विधायकों के BJP में जाने से इसी गठबंधन के भीतर दोनों दलों की विधानसभा ताकत का समीकरण बदल गया है।
भाजपा में शामिल होने वालों में लहकमन रिंबुई, पियुस मारवीन, किर्मेन शायला, मायरेलबोर्न सिएम, मैथ्यू कुरबाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजीड कुफार सिनरेम और सिनशार लिंगदोह थाबाह शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आठों विधायकों का स्वागत किया और उनके भाजपा में आने को पूर्वोत्तर की राजनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।