लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को MSME क्षेत्र हेतु 30,826 करोड़ के मेगा ऋण वितरण कार्य्रकम में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के लिए आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। MSME के विस्तार की दिशा में आज लखनऊ में आयोजित ₹30,826 करोड़ के मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर औद्योगिक आस्थानों में भूखंडों के आवंटन/हस्तांतरण आदि की प्रक्रिया हेतु ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ व उन्नाव में स्वीकृत प्लेज पार्क के विकासकर्ताओं को चेक वितरित किया। साथ ही अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को टूलकिट भी वितरित किए गए।
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इस दौरान उन्होंने कहा, MSME प्रदेश के अंदर युवाओं के लिए नए रोजगार/नौकरी की संभावनाओं वाला क्षेत्र बनकर उभरा है। यह क्षेत्र अपने अभिनव प्रयोग के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश के अंदर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के संभावना वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है। एक जिला एक उत्पाद की योजना उत्तर प्रदेश में 2018 में लागू की थी और विश्वकर्मा सम्मान योजना 2019 में लागू की थी।
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उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने एमएसएमई सेक्टर में पहली बार प्राइवेट औद्योगिक पार्कों का विकास किया जिनका आकार 10 एकड़ से 50 एकड़ तक है। उत्तर प्रदेश के बारे में जो खराब धारणा थी उसे धीरे-धीरे खत्म किया है। अपनी सामर्थ्य से हमने सभी का जवाब दे दिया है। अब हमें किसी के सामने जवाब देने की जरूरत नहीं पड़ती। हमारा काम ही हमारा जवाब दे रहा है। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल का राज्य था पर कुछ लोगों ने उसे बीमारू बना दिया था।