नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) के जिला न्यायाधीश (District Judge) को निलंबित कर दिया। उन पर आरोप है कि वो अपने कर्मचारी को रोजाना डांट-फटकार कर काम करवाते थे साथ ही उससे अभ्रद भाषा में चिल्लाकर बात की और नौकरी से निकालने तक की धमकी दे दी। इन सबसे आहत होकर कर्मचारी ने जानलेवा कदम उठा लिया।
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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने रूद्रप्रयाग के जिला और सत्र न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के पूर्व रजिस्ट्रार (विजिलेंस) अनुज कुमार संगल को अपने अधीनस्थ कर्मचारी का उत्पीड़न करने के आरोप में निलंबित कर दिया है। संगल पर आरोप है कि हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार पद पर रहते हुए उन्होंने अपने आवास में तैनात चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हरीश अधिकारी को अपशब्द बोलकर तथा उसे सेवा से बर्खास्त करने की धमकी देकर उसका उत्पीड़न किया था जिस कारण उसने जहर खा लिया था।
जज सस्पेंड
हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी (Acting Chief Justice of High Court Manoj Kumar Tiwari) के निर्देश पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल आशीष नैथानी ने संगल का निलंबन आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि रूद्रप्रयाग के जिला और सत्र न्यायाधीश के खिलाफ लगे आरोपों की अनुशासनात्मक जांच पर विचार किया जा रहा है।
जांच की जाएगी
निलंबित जज संगल के खिलाफ उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन और अपील) नियमावली 2003 के नियम सात के तहत नियमित जांच शुरू की जाएगी। अधीनस्थ कर्मचारी का उत्पीड़न करना और उसे नौकरी से निकालने की धमकी देना अमानवीय आचरण है और उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली 2002 के नियम 3 (1) और 3(2) के विरूद्ध है। निलंबन अवधि के दौरान संगल चमोली के जिला एवं सत्र न्यायालय से संबद्ध रहेंगे।
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