डिजिटल डेस्क, पर्दाफाश। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey)अपने एक विवादित बयान को लेकर सियासी घेराबंदी में आ गए हैं। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक (Biju Patnaik) को लेकर दिए गए बयान के बाद मामला इतना बढ़ गया कि उन्हें खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बयान के बाद न सिर्फ विपक्षी दल बल्कि उनकी अपनी पार्टी के कुछ नेता भी नाराज नजर आए, वहीं बीजू जनता दल (Biju Janata Dal)ने इस मुद्दे पर उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।….
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बढ़ते विवाद को देखते हुए निशिकांत दुबे ने अपने एक्स हैंडल पर सफाई जारी की और कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार के संदर्भ में अपनी बात रखी थी, लेकिन उसे बीजू पटनायक से जोड़कर देखा गया। दुबे ने यह भी कहा कि बीजू पटनायक हमेशा से एक बड़े और सम्मानित नेता रहे हैं और उनके मन में उनके लिए पूरा सम्मान है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं।
पिछले हफ़्ते मीडिया से बात करते हुए मैने नेहरु गॉंधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भारत के अग्रणी नेताओं में स्थान रखने वाले आदरणीय श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में मेरी बातों से ग़लत अर्थ निकाला गया । पहले तो यह वक्तव्य मेरा व्यक्तिगत है। नेहरु जी के उपर मेरे…
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) April 1, 2026
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क्या बोले थे निशिकांत दुबे-
दरअसल, यह पूरा विवाद 27 मार्च को दिए गए उनके एक बयान से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने 1960 के दशक की भारत की विदेश और रक्षा नीतियों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुबे ने दावा किया था कि जवाहर लाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) के अमेरिका और उसकी खुफिया एजेंसी सीआईए से संबंध थे, खासकर 1962 के भारत-चीन युद्ध के आसपास। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने उस समय अमेरिकी एजेंसियों और नेहरू के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
इन आरोपों के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और बीजू जनता दल समेत कई नेताओं ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। अब दुबे की सफाई और माफी के बावजूद विवाद पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है, और आने वाले समय में इस मुद्दे पर सियासत और तेज हो सकती है।