Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. अपराध
  3. हाशिम मूसा के ढेर होते ही बेनकाब हुआ पाकिस्तान, लश्कर आतंकी सेना में था SSG कमांडो

हाशिम मूसा के ढेर होते ही बेनकाब हुआ पाकिस्तान, लश्कर आतंकी सेना में था SSG कमांडो

By santosh singh 
Updated Date

बडगाम: पहलगाम आतंकवादी हमले 2025 (Pahalgam Terrorist Attack 2025) में शामिल लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के खूंखार आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा (Hashim Moosa) को सुरक्षा बलों ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम हुई एक मुठभेड़ में मार गिराया गया है। मूसा को भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान बडगाम के युसमर्ग इलाके में ढेर कर दिया गया। सेना की चिनार कोर के अनुसार, मुठभेड़ के बाद मूसा का शव और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इसके मारे जाते ही पाकिस्तान फिर एकबार बेनकाब हो गया है।

पढ़ें :- J-K Two Terrorists Killed : जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में दो दहशतगर्द ढेर, सुरक्षाबलों का आतंक के खिलाफ ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेष पॉल वैद (Former Jammu and Kashmir DGP Shesh Paul Vaid) ने मूसा को एक अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकवादी बताया। टाइम्स ऑफ इंडिया (times of India) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि मूसा के निशान जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में मिले थे। मूसा को पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड माना जाता था। वह एक पाकिस्तानी नागरिक था। उसे जंगल में गोरिल्ला युद्ध लड़ने में महारत हासिल थी।

पाकिस्तान सेना में SSG कमांडो था मूसा

मूसा के मारे जाने के बाद उसके बैकग्राउंड की एक बहुत महत्वपूर्ण बात सामने आई है। पाकिस्तान की सेना के साथ उसका सीधा संबंध था। सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया कि मूसा ने पाकिस्तान सेना का एसएसजी पैरा कमांडो के रूप में काम किया था। वह हवलदार के पद पर तैनात था। 2023 में SSG से रिटायर होने के बाद वह आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया और भारत में घुसपैठ कर गया।

पूर्व डीजीपी वैद ने बताया कि मूसा घात लगाकर हमला करने और छापामार युद्ध रणनीति बनाने में एक्सपर्ट था। उन्होंने कहा कि मूसा पुंछ, भिंबर गली, गुलमर्ग हमले और रियासी में श्रद्धालुओं पर हुए हमले में भी शामिल था। मूसा को पहलगाम हमले का मुख्य संदिग्ध माना जता था। वह जम्मू-कश्मीर पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में था।

पढ़ें :- जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की आतंक के खिलाफ बड़ी कामयाबी, भद्रवाह में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर को किया ढेर, एम4 राइफल बरामद

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) सहित सात आरोपियों के खिलाफ 1597 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट को भी आरोपी बनाया गया है।

कैसे मारा गया हाशिम मूसा?

बडगाम के युसमर्ग इलाके में आतंकवादियों के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन कोराग शुरू किया। इस अभियान के दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकियों को ललकारा। आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी का माकूल जवाब देते हुए सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मूसा को ढेर कर दिया। मुठभेड़ खत्म होने के बाद चिनार कोर की टीमों ने पालमैदान इलाके से उसका शव और गोला-बारूद बरामद किया। आसपास के इलाके में अन्य आतंकियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन जारी है।

Advertisement