नई दिल्ली। विदेश मामलों के एक्सपर्ट सुशांत सरीन (Foreign Affairs Expert Sushant Sarin) ने बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक सिस्टम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश तेज़ी से पाकिस्तान (Pakistan) के साथ मिल रहा है। बांग्लादेश वही काम कर रहा है, जो उसे पाकिस्तान (Pakistan) बोल रहा है। ऐसे समय में भारत और बांग्लादेश (India and Bangladesh) के रिश्तों में फिर से तनाव आ रहा है। सरीन ने कहा कि बांग्लादेश अपनी पाकिस्तानी जड़ों को फिर से खोज रहा है। वह पाकिस्तानी चाल चल रहे हैं। उन्होंने ढाका में मौजूदा सरकार के कामों और पिछले कुछ महीनों में अपनाई गई राजनीतिक दिशा का ज़िक्र करते हुए यह बात कही।
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सुशांत सरीन ने बांग्लादेश सरकार (government of bangladesh) की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश की सरकार, एक गैर-कानूनी, नाजायज़, बिना चुनी हुई सरकार है। यह सरकार अब पूरी तरह से पाकिस्तान की मुट्ठी में है। उन्होंने कहा कि भारत में एक छोटे से विरोध प्रदर्शन पर बांग्लादेशी अधिकारियों (Bangladeshi officials) की प्रतिक्रिया इस बड़े नज़रिए को दिखाती है। उन्होंने कहा 15-20 लोगों के एक छोटे से प्रदर्शन पर उनकी इतनी ज़्यादा प्रतिक्रिया देना, जो साफ़ तौर पर अल्पसंख्यकों (minorities) पर हो रहे अत्याचार और बांग्लादेश में हो रही क्रूर हत्याओं (brutal murders) के बारे महसूस कर रहे थे। सरीन ने कहा कि यह बेतुका है, लेकिन इसकी उम्मीद थी, क्योंकि पाकिस्तान में बेतुकापन आम बात है और बांग्लादेश अब अपनी पूर्वी पाकिस्तान (East Pakistan) की जड़ों को फिर से खोज रहा है। उन्होंने वैचारिक और राजनीतिक तालमेल के बारे में अपने तर्क को और मज़बूत किया। सरीन ने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश के सरकारी ढांचों में बाहरी दखल के बारे में परेशान करने वाली रिपोर्टें हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परेशान करने वाली रिपोर्टें भी आ रही हैं कि पाकिस्तानी सिस्टम (Pakistani system) के लोग बांग्लादेश में सरकारी दफ़्तरों में बैठे हैं और उन्हें बता रहे हैं कि क्या करना है। ऐसे घटनाक्रमों के सुरक्षा पर पड़ने वाले असर पर ज़ोर देते हुए सरीन ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश एक रक्षा समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि जल्द ही बांग्लादेश में पाकिस्तानी सैनिक ज़मीन पर हो सकते हैं या किसी और तरह की मदद दी जा सकती है।