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मनरेगा मजदूरों से राहुल गांधी ने की बातचीत, कहा-मज़दूरों से दिहाड़ी के मोल-भाव का हक़ छीन लेना चाहती है सरकार

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों से बातचीत की। इस दौरान राहुल गांधी ने मनरेगा के मुद्दे पर उनकी राय जानी और सरकार पर सवाल उठाया। वहीं, बातचीत के दौरान लोगों ने मनरेगा के समाप्त होने से होने वाली उनकी समस्या को जाना। इस दौरान लोगों ने कहा कि, मनरेगा में पहले काम मिलता था लेकिन अब नहीं मिल रहा।

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, मोदी जी का मनरेगा को बर्बाद करने का मकसद क्या है? मज़दूरों से दिहाड़ी के मोल-भाव का हक़ छीन लेना, पंचायतों की शक्ति छीन कर उनके हाथ बांधना, राज्यों से अधिकार छीन कर दिल्ली में केंद्रित करना, देश को फिर से राजा-महाराजाओं के ज़माने में धकेलना, जहां सारी ताकत और संपत्ति गिनती के लोगों के पास हो।

उन्होंने आगे कहा, न्यूनतम मज़दूरी, साल-भर काम की गारंटी, आज़ादी और स्वाभिमान के साथ काम करने का हक़-देश के करोड़ों श्रमिक एक आवाज़ में कह रहे थे “मनरेगा ने हमारी ज़िंदगी बदली।” दशकों लगे ये बदलाव लाने में। आज वही श्रमिक कह रहे हैं -“मोदी सरकार मज़दूरों को ग़ुलाम बनाने वाली सरकार है।”

बता दें कि, राहुल गांधी मनरेगा के मुद्दे पर लगातार सरकार सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि, मनरेगा योजना से देश के गरीबों को काम का अधिकार मिलता था, लेकिन नरेंद्र मोदी इसे खत्म करना चाहते हैं। इसके पीछे नरेंद्र मोदी की असली मंशा मजदूरों, गरीबों के हक के पैसे छीनकर अपने अरबपति मित्रों को दिलाना है। यानी- वही पुरानी साज़िश, अब नए पैकेज में…लेकिन हम एकजुट होकर इस साज़िश के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे और ऐसा कभी नहीं होने देंगे।

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