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Ram Mandir Pran Pratishtha : गुजरात से पहुंची 108 फीट की अगरबत्ती को नृत्यगोपाल दास ने किया प्रज्जवलित, डेढ़ महीने तक महकेगी रामनगरी

By संतोष सिंह 
Updated Date

Ayodhya Ram Mandir Inauguratrion : अयोध्या स्थित राम मंदिर (Ram Mandir) में राम लला  प्राण प्रतिष्ठा (Ram Lala Pran Pratistha) की विधियां मंगलवार 16 जनवरी से शुरू हो गई हैं। इस बीच अयोध्या में गुजरात से लाई गईं 108 फीट की अगरबत्ती जला दी गई है। यह अगरबत्ती जन्मभूमि के परिसर को सुगंधित करेगी। यह अगरबत्ती हर्बल तरीके से बनाई गई है, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra President) महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज (Mahant Nrityagopal Das ji Maharaj) की मौजूदगी में अगरबत्ती जलाई गई।

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राम मंदिर के अनुष्ठान की शुरुआत के साथ ही आज इस अगरबत्ती को जलाया गया है। महंत नृत्यगोपाल दास ने जब इसे जलाया तो लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। ये अगरबत्ती आज से डेढ़ महीने तक चलेगी। इस दौरान इसकी सुगंध कई किमी तक महसूस की जा सकेगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी इस अगरबत्ती की सुगंध से रामनगरी महकती हुई नज़र आएगी।

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धूपबत्ती की ऊंचाई कुतुबमीनार की ऊंचाई की क़रीब-करीब आधा है

इस अगरबत्ती को गुजरात के वडोदरा में तैयार किया गया है। जिसकी ऊंचाई 108 फीट की है और इसकी चौड़ाई 3.5 फ़ीट की है। इसका वजन 3,610 किलोग्राम का है। इसे 376 किलो गुग्गल, 376 किलोग्राम नारियल के गोले और 190 क़िलो शुद्ध देसी घी से तैयार किया गया है। इसके अलावा इसमें 1470 किलो गाय का गोबर और 420 किलोग्राम जड़ी बूटियां मिलाईं गईं हैं। इस अगरबत्ती का निर्माण गुजरात के वडोदरा में रहने वाले विहा भारवाड ने किया है। उन्होंने बताया कि इस धूपबत्ती की ऊंचाई कुतुबमीनार की ऊंचाई की क़रीब-करीब आधा है।

आपको बता दें कि आज से राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अनुष्ठान और विधि विधान से पूजा शुरू हो गई है। आज सरयू नदी के किनारे भगवान विष्णु की पूजा होगा और गौ दान किया जाएगा। इसके बाद 17 जनवरी को रामलला की मूर्ति का राम मंदिर में प्रवेश होगा और फिर कई तरह के विधि विधान किए जाएगा। 22 जनवरी तक सभी प्रक्रिया पूरी होंगी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।

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