मुंबई: सुपरस्टार रणवीर सिंह और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज (FWICE) के बीच छिड़ी जंग अब एक नया और गंभीर मोड़ ले चुकी है। रणवीर के खिलाफ जारी ‘नॉन-कोऑपरेशन’ के आदेश के बाद उनकी अगली फिल्म प्रलय पर काले बादल मंडरा रहे थे। अब खबर आ रही है कि FWICE के इस कड़े रुख से बचने के लिए फिल्म के मेकर्स ने एक ऐसा रास्ता निकाला है, जो मुंबई के लोकल वर्कर्स की कमर तोड़ सकता है।
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मुंबई नहीं, अब हैदराबाद या नोएडा में होगी ‘प्रलय’ की शूटिंग?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रलय के मेकर्स अपनी फिल्म का पूरा शूटिंग शेड्यूल मुंबई से बाहर शिफ्ट करने की प्लानिंग कर रहे हैं। चूंकि मुंबई की 34 वेंडर एसोसिएशन FWICE के तहत ही काम करती हैं, इसलिए वहां शूटिंग करना घाटे का सौदा साबित हो सकता है। इस पंगे से बचने के लिए मेकर्स अब फिल्म को हैदराबाद (तेलुगु इंडस्ट्री का गढ़) या नोएडा ले जाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे मेकर्स का काम आसान हो जाएगा और FWICE के आदेश का असर भी बेअसर हो जाएगा।
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, अगर प्रलय का प्रोडक्शन मुंबई से हैदराबाद शिफ्ट हो रहा है, तो उन सैकड़ों वर्कर्स का क्या होगा जो इस पर काम करने वाले थे? उन्होंने आगे कहा कि जब कोई बड़ा स्टार शूट करता है, तो सेट पर 300 से 500 मजदूर होते हैं। स्टार को बैन करने के चक्कर में संगठन असल में उन गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी छीन रहा है, जिसका कोई मतलब नहीं बनता। अब देखना यह है कि इस विवाद के बीच रणवीर की प्रलय समय पर फ्लोर पर आ पाती है या नहीं।