नई दिल्ली। दिल्ली में शनिवार शाम हुई बारिश से ओल्ड राजेंद्रनगर में राउ IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट स्थित लाइब्रेरी में पानी भर गया। लाइब्रेरी का गेट बायोमेट्रिक इंप्रेशन से ही अनलॉक होता था। पानी भरने और लाइट चले जाने से गेट लॉक हो गया। 3 स्टूडेंट अंदर फंसे रहने और डूबने से तीन छात्रों की मौत हो गई।
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छात्रों का आरोप है कि सूचना देने के कम से कम 2 घंटे बाद NDRF आई और रेस्क्यू शुरू किया। तब तक तीनों मर चुके थे। MCD के खिलाफ सुबह से UPSC के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कोचिंग मालिक-कोर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि 4 दिन पहले बारिश के पानी में करंट फैलने से UPSC के एक छात्र की मौत हो गई थी। यानि हफ्तेभर में चार स्टूडेंट्स मारे गए। छात्रों का कहना है कि ये सीधे तौर पर हत्या है।
स्वाति मालीवाल बोलीं- मैं ये सवाल संसद में उठाउंगी, ये सीधे-सीधे मर्डर है
आप सांसद स्वाति मालीवाल (AAP MP Swati Maliwal) ओल्ड राजेंद्र नगर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और कहा कि हम आपको राजनीति नहीं करने देंगे। स्वाति मालीवाल ने कहा कि ये सीधे सीधे मर्डर है। एफआईआर होनी चाहिए। जो भी जिम्मेदार है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार के नुमाइंदो के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। जिन बच्चों की मौत हुई है, उन्हें एक करोड़ का मुआवजा मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर दिन एसी में बैठकर पीसी करते हैं। मेयर ने कहा था कि मॉनसून आने वाला है। आनंद लीजिए, ये है इंजॉएमेंट। 10-12 दिन पहले काउंसलर को कहा गया था ये ड्रेनेज को ठीक कीजिए लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। एमसीडी की मेयर और दिल्ली सरकार के मंत्री यहां क्यों नहीं है? मैं ये सवाल संसद में उठाउंगी। जो बच्चे मरे उनके परिवार को कोई क्या जवाब देगा? शर्म आनी चाहिए। ये लापरवाही नहीं, मर्डर है।
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दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया
बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहे तीन की मौत हो गई है। मेयर ने मौका मुआयना किया। दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी (Delhi Government Minister Atishi) ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने और छात्रों के फंसने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। AAP के विधायक दुर्गेश पाठक ने आशंका जताई कि आसपास नाला या सीवर फटने से पानी भरा होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जवाब दे कि 15 साल से उनका पार्षद था, क्या किया? वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, केजरीवाल, आतिशी और उनकी सरकार के भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। दिल्ली नगर निगम के भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। नाले की सफाई क्यों नहीं हुई?
छात्र बोले- एसी कमरे से बाहर निकलें जिम्मेदार और लापरवाही की लें जिम्मेदारी
मंत्री आतिशी के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पर प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि ज़िम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। आक्रोशित छात्रों ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार से कोई यहां आए और उन सभी छात्रों की ज़िम्मेदारी ले जो अपनी जान गंवा चुके हैं। वे अपने एसी कमरों से ट्वीट करके या चिट्ठी लिखकर किसी का भविष्य कैसे सुधार रहे हैं?
गुस्साए छात्रों ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लोगों ने बताया मुझे लगता है कि 8-10 लोगों की मौत हो गई है
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गुस्साए छात्रों ने कहा कि एमसीडी (MCD) ने बताया कि यह एक आपदा है, लेकिन मैं कहूंगा कि यह पूरी लापरवाही है। आधे घंटे की बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। आपदा एक ऐसी चीज है जो कभी-कभी होती है, मेरे मकान मालिक ने कहा कि वह पार्षद से पूछ रहे थे पिछले 10-12 दिनों से नाले की सफाई होनी चाहिए। पहली मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो। तत्काल मांग है कि घायलों और मौतों की वास्तविक संख्या बताई जाए। आपदा प्रबंधन के लोगों ने बताया मुझे लगता है कि 8-10 लोगों की मौत हो गई है।