Sambhal Violence Case : सुप्रीम कोर्ट ने संभल हिंसा मामले में कथित मास्टरमाइंड मुल्ला अफरोज को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने अफरोज की हिरासत को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट, 1980 के तहत रद कर दी है। इस साथ ही यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें डिटेंशन ऑर्डर को सही ठहराया गया था।
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दरअसल, 2024 में यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद के कोर्ट-ऑर्डर सर्वे के बाद हिंसा हुई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मुल्ला अफरोज पर 2024 की संभल हिंसा का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा था। अफरोज को हिंसा के करीब 54 दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी पुलिस कस्टडी में दिए गए कबूलनामे के आधार पर हुई थी। हालांकि बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अफरोज को जमानत दे दी थी।
13 अक्टूबर 2025 को NSA के तहत मुल्ला अफरोज के खिलाफ डिटेंशन ऑर्डर जारी किया गया था। जिसे हाई कोर्ट ने बाद में सही ठहराया था, इसके बाद याचिकाकर्ता मुल्ला अफरोज ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मंगलवार फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) के लिए सिर्फ ‘एक्स्ट्रा-जुडिशियल कन्फेशन’ (कोर्ट के बाहर किया गया कबूलनामा) ही एकमात्र आधार नहीं हो सकता।