Taliban Chess Ban : तालिबान ने एक नया फरमान जारी करते हुए अपने कठोर होने का एक बार फिर सबूत दिया है। इस बार उन्होंने सदियों पुराने खेल राजा, वज़ीर, ऊंट, घोड़ा और प्यादों की सेना पर ही वार कर दिया है- यानी शतरंज (चेस) पर ही बैन लगा दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान ने धार्मिक चिंताओं के चलते अफगानिस्तान में शतरंज पर प्रतिबंध लगा दिया है और मनोरंजन और खेल के विभिन्न रूपों का विरोध जारी रखा है।
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तालिबान की ओर से अफगान क्रिकेट टीम को दिए जा रहे समर्थन के बाद लग रहा था कि यहां दूसरे खेलों के लिए भी जगह दी जाएगी। लेकिन इस कदम के बाद शतरंज प्रेमियों और खिलाड़ियों को झटका लगा है। दरअसल, तालिबान सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उन्हें शक है कि लोग चेस को जुए के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। तालिबान चेस को “शरीयत के खिलाफ” बताकर इंटेलिजेंस को ही बैन कर रहा है।
दरअसल, तालिबान ने पहली बार नहीं किया है इससे पहले तालिबान महिलाओं की शिक्षा, फिल्म और संगीत, अफीम की खेती, महिलाओं के छोटे कपड़े पर बैन लगा चुका है। लेकिन किसी खेल पर बैन लगाना पूरी दुनिया के लिए हैरान करने वाला है।