लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद लखनऊ में दशमोत्तर एवं पूर्वदशम के 10,28,205 छात्र-छात्राओं को ₹297.95 करोड़ की छात्रवृत्ति का अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, छात्रवृत्ति का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अपनी ऊर्जा से समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें। हम लोगों ने विगत 8 वर्षों में 4.27 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप की सुविधा का लाभ दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को दीपावली से पूर्व मिले इस उपहार के लिए हृदय से बधाई दी एवं छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा, हम लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भ्रष्टाचार पर प्रभावी प्रहार के लिए, टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए DBT के माध्यम से हर छात्र-छात्रा के अकाउंट में सीधे स्कॉलरशिप देने की प्रणाली को प्रदेश में लागू किया। इसके उपरांत यह भी व्यवस्था बनाई गई कि छात्र-छात्राओं को हम लोग वर्ष के अंत में स्कॉलरशिप देने की बजाय, अगर वर्ष में दो बार में स्कॉलरशिप, अक्टूबर और जनवरी के माह में उपलब्ध करवा देंगे, तो इससे सभी छात्र लाभान्वित हो जाएंगे। मुझे प्रसन्नता है कि प्रभावी ढंग से यह कार्यक्रम प्रदेश के अंदर बड़े पैमाने पर आगे बढ़ रहा है।
छात्रवृत्ति का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे अपनी ऊर्जा से समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।
आज लखनऊ में दशमोत्तर एवं पूर्वदशम के 10,28,205 छात्र-छात्राओं को ₹297.95 करोड़ की छात्रवृत्ति का अंतरण किया।
हमारा संकल्प है कि किसी भी युवा,… pic.twitter.com/j6xHvufedC
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 17, 2025
उन्होंने आगे कहा, 62 लाख छात्र-छात्राएं एक साथ यूपी सरकार और केंद्र सरकार की स्कॉलरशिप की योजना से लाभान्वित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य कर रहे हैं। आज का यह समारोह अपने होनहार प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने और उनकी आगे की शिक्षा में किसी प्रकार का कोई व्यवधान न आने पाए इसके लिए डबल इंजन सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए गए कार्यक्रम की एक नई कड़ी है।
बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी बार-बार कहते थे…पढ़-लिख कर ही हम स्वावलंबन का जीवन व्यतीत कर सकते हैं। देश और अपने समाज के लिए भी कुछ कर सकते हैं। उसके लिए चाहे जिस भी स्तर पर मेहनत करनी पड़े, हमें वह करनी चाहिए। लाइब्रेरी जाने की आदत डालनी पड़ेगी। पाठ्यक्रम पर फोकस करना पड़ेगा। इनोवेशन के बारे में हमारे मन में जिज्ञासा होनी चाहिए और जहां भी कुछ अच्छा देखने को मिलता है उसको सीखने की जिज्ञासा पैदा करनी पड़ेगी। कोई कारण नहीं कि आप समाज में एक बड़ी भूमिका में न जाएं, हर छात्र अवश्य आ सकता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, पहली बार श्रमिकों के बच्चों के लिए ‘अटल आवासीय विद्यालय’ बनाए गए हैं। हमने प्रदेश के अंदर 18 कमिश्नरी में 18 ऐसे विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित करके अपने श्रमिकों एवं उनके श्रम के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है। प्रदेश में आश्रम पद्धति विद्यालय के माध्यम से अनुसूचित जाति के बच्चों को बेहतरीन कैंपस, लॉजिंग, फूडिंग की सभी व्यवस्था एक ही छत के नीचे प्रदान करते हुए यह विद्यालय भी संचालित हो रहे हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय के माध्यम से गरीब बालिकाओं को इंटरमीडिएट तक की शिक्षा फ्री में उपलब्ध करवाई जा रही है। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग’ के माध्यम से हर जनपद में बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाया गया है।
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उन्होंने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के माध्यम से हम एक बेटी की शादी के लिए ₹1 लाख की सहायता यूपी सरकार की ओर से उपलब्ध करवाते हैं। 4 लाख से अधिक बेटियों की शादी अब तक हम लोग ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के माध्यम से करा चुके हैं।