लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूजीसी के नएम नियम को लेकर सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि, भाजपा की नीति थी कि “चोर से कहो चोरी करो” और “जनता से कहो जागते रहो” इसी तर्ज पर जहां एक तरफ U.G.C समता कानून के माध्यम से Sc /st/obc को खुश करने की ढोंग कर रही थी।
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स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव पर रोक लगाने हेतु लायेगये U.G.C विनियमन कानून के नाम पर Sc /st/obc समाज के लोगों के आंख में धूल झोंकने में भाजपा सरकार एक बार फिर सफल हुई। भाजपा की नीति थी कि “चोर से कहो चोरी करो” और “जनता से कहो जागते रहो” इसी तर्ज पर जहां एक तरफ U.G.C समता कानून के माध्यम से Sc /st/obc को खुश करने की ढोंग कर रही थी।
विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव पर रोक लगाने हेतु लायेगये U.G.C विनियमन कानून के नाम पर Sc /st/obc समाज के लोगों के आंख में धूल झोंकने में भा.ज.पा. सरकार एक बार फिर सफल हुई। भा.ज.पा की नीति थी कि "चोर से कहो चोरी करो" और "जनता से कहो जागते रहो" इसी…
— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) January 29, 2026
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वहीं दूसरी ओर ऊंची जातियों से इसका विरोध भी करवा रही थी, जिसकी आशंका थी, वही हुआ सरकार के इशारे पर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करवा कर आखिर U.G.C विनियमन कानून को कार्यान्वयन पर रोक लगवा दी। जहां कानून बनने से Sc/st/obc खुश वही न्यायपालिका से स्टे हो जाने से स्वर्ण जातियां भी खुश। इसे कहते हैं शतरंज की चाल सांप भी मर गया लाठी भी नहीं टूटी। भाजपा के धोखे से सावधान रहो।