मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाराष्ट्र में कई विकास परियोजनाओं की शुरूआत की है। इस दौरान उन्होंने कहा, आज मुंबई का लंबा इंतज़ार खत्म हुआ। मुंबई को अब अपना दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मिल गया है। ये एयरपोर्ट, इस क्षेत्र को एशिया के सबसे बड़े कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। आज मुंबई को पूरी तरह से अंडरग्राउंड मेट्रो भी मिली है, इससे मुंबई का सफर और भी आसान होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
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उन्होंने आगे कहा, ये समय भारत के नौजवानों के लिए अनगिनत अवसरों का समय है। कुछ समय पहले ही देश की अनेक ITI को इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए 60,000 करोड़ रुपये की पीएम सेतु योजना शुरू की गई है। आज से महाराष्ट्र सरकार ने सैकड़ों ITI और तकनीकी स्कूलों में नए प्रोग्राम का शुभारंभ किया है। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ड्रोन, सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन जैसी अनगिनत नई टेक्नॉलॉजी की ट्रेनिंग मिल पाएगी। मैं महाराष्ट्र के युवाओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें विकसित भारत की झलक है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर बना है, और इसका आकार कमल के फूल जैसा है। यानी यह संस्कृति और समृद्धि का जीवंत प्रतीक है। इस नए एयरपोर्ट से महाराष्ट्र के किसान यूरोप और मिडिल ईस्ट के सुपरमार्केट से भी जुड़ पाएंगे। 2014 में जब देश ने मुझे अवसर दिया, तब मैंने कहा था कि मेरा सपना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई सफर कर सकें। हमारी सरकार ने इस मिशन पर गंभीरता से काम शुरू किया और पिछले 11 साल में देश में एक के बाद एक एयरपोर्ट बनते चले गए। 2014 से पहले हमारे देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे और आज एयरपोर्ट की संख्या 160 को पार कर चुकी है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, हाल ही में कांग्रेस के एक बड़े नेता, जो कांग्रेस के शासनकाल में देश के गृहमंत्री रह चुके हैं, ने एक साक्षात्कार में बड़ा खुलासा किया है कि 2008 के मुंबई हमले के बाद हमारी सेनाएं, पाकिस्तान पर हमला करने को तैयार थीं। पूरा देश भी यही चाहता था, लेकिन किसी दूसरे देश के दबाव में कांग्रेस सरकार ने देश की सेनाओं को पाकिस्तान पर हमला करने से रोक दिया। कांग्रेस को बताना होगा कि वह कौन था जिसने विदेशी दबाव में फैसला लिया और मुंबई व देश की भावना से खिलवाड़ किया।
साथ ही कहा, मुंबई, भारत की आर्थिक राजधानी के साथ-साथ भारत के सबसे वाइब्रेंट शहरों में से एक है। इसलिए, 2008 में आतंकियों ने मुंबई शहर को बड़े हमले के लिए चुना। लेकिन तब जो कांग्रेस सरकार सत्ता में थी, उसने कमजोरी का संदेश दिया और आतंकवाद के सामने घुटने टेक दिए। हमारे लिए देश और देशवासियों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। आज का भारत दमदार जवाब देता है, घर में घुसकर मारता है। यह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने देखा है।
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मेरा आपसे आग्रह है, स्वदेशी अपनाइए। गर्व से कहिए, यह स्वदेशी है। यह हर घर और हर बाजार का मंत्र होना चाहिए। हर देशवासी स्वदेशी सामान घर लाएगा, स्वदेशी सामान उपहार में देगा। इससे देश का पैसा देश में ही लगेगा। इससे भारत के श्रमिक को काम मिलेगा और नौजवानों को रोजगार मिलेगा। कल्पना कीजिए, जब पूरा भारत स्वदेशी अपनाएगा तो भारत का सामर्थ्य कितना बढ़ जाएगा।