लखनऊ। केंद्रीय विद्यालय गोमतीनगर में केंद्रीय विद्यालय पुरातन छात्र समिति द्वारा आयोजित तृतीय रीयूनियन कार्यक्रम रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के अनेक पूर्व छात्र-छात्राओं के साथ-साथ वर्तमान एवं सेवानिवृत्त शिक्षक उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य पूर्व छात्रों को एक मंच पर एकत्र कर पुरानी स्मृतियों को ताजा करना तथा आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना रहा।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त अध्यापक एच. पी. चौहान ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों द्वारा किए गए इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि पुरातन छात्र समिति के ऐसे कार्यक्रम हमारे जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और शिक्षक-छात्र के भावनात्मक रिश्ते को और अधिक प्रगाढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ही किसी भी विद्यालय की पहचान होते हैं और जब वही आगे बढ़कर विद्यालय को जोड़ने का कार्य करते हैं, तो यह समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है।
मंच संचालन कर रहे जी. पी. यादव ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के साथ बिताए गए रोचक और भावनात्मक पलों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज अपने पूर्व छात्रों को इस मुकाम पर देखकर उन्हें अत्यंत गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। पूर्व छात्रों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य एवं हास्य-व्यंग्य कार्यक्रमों को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। समारोह के दौरान विद्यालय जीवन से जुड़ी स्मृतियों पर आधारित अनुभव साझा किए गए, जिससे वातावरण भावनात्मक और आत्मीय बन गया।
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इस अवसर पर के. एम. यादव, आर. के. यादव, के. के. शुक्ला, प्रीति तिवारी, संगीता सिंह, श्वेता सिंह, पी. के. शाह सहित अनेक गणमान्य शिक्षक एवं अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संवाद, स्मृति-चिन्ह वितरण तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की घोषणा की, जिससे पुरातन छात्रों और विद्यालय के बीच निरंतर संपर्क बना रहे।