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ट्रंप ने इजरायल को ईरान के खिलाफ जंग में अकेला छोड़ा! यूक्रेन जैसा न हो जाए हाल

By Abhimanyu 
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Trump left Israel alone in the war against Iran: इजरायल पिछले दो साल से गाजा के आतंकी संगठन हमास के खिलाफ युद्ध लड़ रहा था, लेकिन अब वो से सीधे तौर पर टकरा रहा है। ईरान और इजरायल संघर्ष में अब तक जो तस्वीरें सामने आयी हैं, उससे पता चलता है कि ईरान ने जितना नुकसान झेला है, उससे ज्यादा इजरायल को नुकसान हुआ है। इस बीच इजरायल का खुलकर समर्थन करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं।

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दरअसल, मिडिल ईस्ट में इजरायल जब भी जंग के मैदान में उतरा है, अमेरिका से उसे पूरा सपोर्ट मिलता रहा है। यही वजह है कि कई मुस्लिम देश एक साथ मिलकर भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाए, लेकिन गाजा के साथ दो साल की लंबी लड़ाई में हुए बड़े खर्च के बाद ईरान के साथ बड़ी लड़ाई ने नई परिस्थितियां खड़ी कर दी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका के इशारे पर ही इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर प्लांट्स को निशाना बनाया था, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने इजरायल को बड़ा झटका दिया है।

राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि इजरायल के पास ईरान के अंडरग्राउंड फोर्डो (FORDOW) न्यूक्लियर प्लांट को अपने दम पर तबाह करने की क्षमता नहीं है। उसके पास बहुत सीमित क्षमता है। वे फोर्डो का एक हिस्से को थोड़ा-बहुत ही नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन इसे खत्म नहीं कर सकते। वहीं, ईरान के खिलाफ इजरायल का साथ देने के लिए अमेरिकी सेना को भेजने की संभावना पर उन्होंने कहा कि ये आखिरी विकल्प होगा। अभी हमारे पास अधिकतम दो हफ्ते का समय है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान साफ दर्शाता है कि ईरान को रोकने के लिए वह अभी कुछ नहीं करनेवाले हैं। यह बिलकुल वैसा ही है जैसा यूक्रेन के साथ यूरोपीय देशों और अमेरिका ने किया था। जिन्होंने पहले उसे रूस के खिलाफ युद्ध में हिम्मत दी फिर अपने हाथ पीछे खींच लिए।

बता दें कि ईरान के साथ लड़ाई में इजरायल को काफी नुकसान हुआ है। राजधानी तेल अविव समेत कई शहरों में ईरानी हमलों ने भीषण तबाही मचाई है। एक्सपर्ट्स की मानें तो ईरान के साथ युद्ध में बहुत दिनों तक टिक नहीं पाएगा, क्योंकि इजरायल पहले से ही फिलिस्तीन के साथ चल रहे युद्ध में काफी खर्चा कर चुका है।

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