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पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला पर हमले के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय जिम्मेदार : कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी

By Abhimanyu 
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Attack on former CM Farooq Abdullah : जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर पास से फायरिंग की कोशिश की गयी है। इस जानलेवा हमले में अब्दुल्ला बाल-बाल बचे। पूर्व सीएम पर इस हमले की विपक्षी दलों के नेताओं ने निंदा की और केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया है।

पढ़ें :- जम्मू में हत्या की कोशिश के बाद फारूक अब्दुल्ला का पहला रिएक्शन, बोले-अल्लाह ने मुझे बचा लिया

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा करते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने पीटीआई से कहा, “मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि वह उस हमले में बाल-बाल बच गए। लेकिन जब से कश्मीर का स्पेशल स्टेटस हटाया गया और सेक्शन 370 हटाया गया, सरकार ने दावा किया था कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बेहतर होगी। लेकिन, पहले के मुकाबले आतंकवादी घटनाएं बढ़ गई हैं… यूनियन टेरिटरी बनने के बाद, लॉ एंड ऑर्डर सीधे केंद्र और गृह मंत्रालय के अंडर आता है। हम इस हमले की निंदा करते हैं और इसके लिए भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय को जिम्मेदार मानते हैं।”

एनसीपी-एसपी शरद पवार ने एक्स पोस्ट में लिखा, “सीनियर नेता फारूक अब्दुल्ला और डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुरिंदर चौधरी की शादी में हुई फायरिंग बहुत चिंता की बात है। अच्छी बात यह है कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, जो बहुत राहत की बात है। हालांकि, ऐसी घटनाएं पब्लिक सेफ्टी के नज़रिए से गंभीर और खतरनाक हो सकती हैं। यह सुनकर खुशी हुई कि सभी बड़े लोग सुरक्षित हैं। उनकी अच्छी सेहत, लंबी उम्र और लगातार सुरक्षा के लिए दिल से शुभकामनाएं।”

सीएम उमर अब्दुल्ला ने Z+ NSG सुरक्षा पर उठाए सवाल

इस घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला के बेटे और जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने Z+ NSG सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘अल्लाह मेहरबान है। मेरे पिता बाल-बाल बचे थे। अभी डिटेल्स साफ़ नहीं हैं, लेकिन जो पता चला है वह यह है कि लोडेड पिस्टल वाला एक आदमी पॉइंट ब्लैंक रेंज में आकर गोली चला पाया। सिर्फ़ क्लोज़ प्रोटेक्शन टीम ने ही गोली को रोका और यह पक्का किया कि हत्या की कोशिश नाकाम हो जाए। इस समय जवाबों से ज़्यादा सवाल हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि कोई Z+ NSG प्रोटेक्टेड पूर्व CM के इतने करीब कैसे पहुँच गया।’

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