लखनऊ। यूपी के बड़े शहरों में अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शहरी ढांचे पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए आवासीय टाउनशिप, व्यावसायिक कांप्लेक्स, पार्किंग, ऑफिस स्पेस, ट्रांसपोर्ट और ग्रीन कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। पहले चरण में लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी की 20 बड़ी परियोजनाओं को चुना गया है। इन पर कुल 7,452 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। परियोजनाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों 25-25 प्रतिशत राशि देंगी, जबकि बाकी 50 प्रतिशत रकम बाजार से जुटाई जाएगी। नगर निगम अपनी परियोजनाओं के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी कर सकेंगे। इसके अलावा पीपीपी मॉडल या कर्ज के जरिए भी धन जुटाने का विकल्प रहेगा। विकास प्राधिकरण अपनी आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं के लिए बाजार से फंड जुटा सकेंगे।
लखनऊ में पार्किंग से लेकर ग्रीन कॉरिडोर तक
लखनऊ की परियोजनाओं में वरुण विहार आवासीय योजना, कैलाश कुंज ट्रांजिट ओरिएंटेड कॉमर्शियल कांप्लेक्स और हनुमान सेतु में लाइब्रेरी शामिल हैं। इन परियोजनाओं की लागत 1,323 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा चौक में पार्किंग और अंबेडकर पार्क में मैकेनिकल पार्किंग के निर्माण पर 155 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बैकुंठ धाम में 330 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। लामार्टीनियर के पास एलीवेटेड रोड के लिए 315 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। वहीं इकाना स्टेडियम के आसपास ड्रेनेज सिस्टम को भी विकसित किया जाएगा।
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गाजियाबाद में बिजनेस और स्पोर्ट्स हब
गाजियाबाद में तुलसी निकेतन के इंटीग्रेटेड मिक्स्ड यूज्ड री-डेवलपमेंट पर 405 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हिंडन नदी के मल्टी मॉडल कॉरिडोर के लिए 190 करोड़ और हिंडन इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम एवं स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के लिए 450 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा जीटी रोड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर 200 करोड़, इंटीग्रेटेड बिजनेस एंड इनोवेशन हब पर 636 करोड़, लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन पार्क पर 732 करोड़ तथा अर्बन को-वर्किंग एवं कॉमर्शियल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट पर 43 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर भी शामिल
वाराणसी में आनंद काशी अर्बन ग्रोथ हब के लिए 285 करोड़, कैंट-नादेसर इंटीग्रेटेड अर्बन री-जेनेरेशन के लिए 370 करोड़ और ट्रांसपोर्ट नगर ट्रेड एंड इकोनॉमिक हब के लिए 278 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
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प्रयागराज में इंटीग्रेटेड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के तहत अरैल में सर्कुलर इकोनॉमी इंफ्रास्ट्रक्चर, रिवर फ्रंट और ग्रोथ हब से जुड़ा मिक्स्ड री-डेवलपमेंट किया जाएगा। इस परियोजना की लागत 465 करोड़ रुपये रखी गई है। वहीं गोरखपुर में गोलघर अर्बन रिन्यूअल एंड सिटी ग्रोथ हब विकसित करने पर 211 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके साथ ही सरकार ने प्रदेश के दूसरे विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों से भी ऐसी परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे हैं। इनमें मल्टीलेवल पार्किंग, बड़े पार्क, आधुनिक ऑफिस कांप्लेक्स, आवासीय टाउनशिप और शहरों के बाहरी हिस्सों में मिश्रित आवासीय-वाणिज्यिक परियोजनाएं शामिल की जा सकती हैं।