Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. विजयदशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का है प्रतीक, हमें सत्य और धर्म की स्थायी शक्ति की दिलाती है याद : पीएम मोदी

विजयदशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का है प्रतीक, हमें सत्य और धर्म की स्थायी शक्ति की दिलाती है याद : पीएम मोदी

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। देशभर में आज धूमधाम से दशहरे का त्योहार मनाया जा रहा है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। दशहरे पर रावण का पुतला दहन करने की परंपरा है। ऐसे में देशभर में आज रावण का पुतला जलाया गया। इस दौरान लोगों में जमकर उत्साह देखने को मिला। विजयदशमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया।

पढ़ें :- ‘सिंदूर खेला’ की अनोखी परंपरा, मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाने के पीछे क्या है मान्यता?

इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम, माता जानकी और बजरंगबली के चरणों में नमन करते हुए देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज भारत के हर कोने, गांव और शहर में भगवान श्रीराम की भक्ति और उनके आदर्शों की गूंज सुनाई दे रही है तथा पूरा देश रामलीला के उत्साह में डूबा हुआ है। देशभर में आयोजित रामलीलाएं भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनकी शिक्षाओं को जीवंत बनाए रखने की परंपरा का प्रतीक हैं। विजयादशमी का पर्व अत्याचार और आतंक के अंत की उद्घोषणा करता है तथा यह इस शाश्वत विश्वास को दर्शाता है कि अंततः सत्य की असत्य पर विजय होती है।

पढ़ें :- दुष्यंत गौतम के राज्यपाल नियुक्ति पर राहुल गांधी, बोले- मैं स्तब्ध हूं, राष्ट्रपति को लिखा पत्र कहा अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए

‘आज भारत का कोना-कोना राममय’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि देशभर में रामलीलाओं का मंचन, प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत रखने की परंपरा, अत्याचार और आतंक के अंत का उद्घोष और असत्य पर सत्य सनातन की विजय का विश्वास… हमारे लिए ये केवल त्योहार नहीं है, ये भारत की प्राण ऊर्जा है। इस देश ने, इसकी संस्कृति ने और इसके पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है।ये आस्था केवल इसलिए नहीं है कि श्रीराम ने राक्षस राज रावण का अंत किया था। ये आस्था इसलिए भी है क्योंकि प्रभु राम ने हमें ऐसे आदर्श दिए जो मानवता के इतिहास में अतुलनीय है।

‘श्रीराम ने हर परिस्थिति में धर्म और सत्य का पालन किया’

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम न तो राजा बनने की संभावना से अत्यधिक प्रसन्न हुए और न ही वनवास जाने की परिस्थिति से दुखी। तमाम कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद उन्होंने धर्म का पालन किया और सत्य की स्थापना की। उनका जीवन सिखाता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटना चाहिए।

‘संकट में अपनी शक्ति और संसाधनों पर करें भरोसा’

पढ़ें :- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभेंदु अधिकारी के ‘एंटी गुंडा बिल’ पर जताई गंभीर आपत्ति, पुनर्विचार के लिए वापस भेजा, पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा झटका

भगवान श्रीराम के जीवन से हमें बड़ी सीख मिलती है कि संकट कितना भी बड़ा हो और चुनौती कितनी भी कठिन, हमें दूसरों के भरोसे बैठकर इंतजार नहीं करना चाहिए। हमें अपनी शक्ति को पहचानना चाहिए, अपने संसाधनों पर विश्वास करना चाहिए, अपने संकल्प को ताकत में बदलना चाहिए और कड़ी मेहनत के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए।

‘विकसित भारत और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के साथ बढ़ें आगे’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने सिखाया कि रास्ते की कठिनाइयां हमारी यात्रा को रोक नहीं सकतीं। आज भारत को भी इसी मंत्र के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने जोर दिया कि देश के सामने विकसित भारत के निर्माण और आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य है, जिसे दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के जरिए पूरा किया जा सकता है।

‘समाज को बांटने वाले देश के दुश्मन’

दशहरा कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रामराज्य का मतलब सबके न्याय का होता है और सत्ता का मतलब जनकल्याण होना चाहिए। समाज को बांटने वाले देश के दुश्मन हैं। इन्हें पहचानना होगा। हम सभी को देश के दुश्मनों से मिलकर लड़ना होगा। बुराईयों के खिलाफ सभी को साथ आना होगा। यह हमारे लिए त्यौहार नहीं भारत की प्राण ऊर्जा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने किया रावण दहन

पढ़ें :- दिल्ली के शालीमार बाग में बुलडोजर के चलने से मदीना मस्जिद का हिस्सा और कई घर जमींदोज, राजनीति गरमाई

दिल्ली के द्वारका में राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू (President Droupadi Murmu) ने रावण दहन किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi Chief Minister Rekha Gupta) भी द्वारका रामलीला समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में कहा कि दशहरा के अवसर पर देश-विदेश में कई जगहों पर आयोजित रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग राम कथा के महान आदर्शों को याद करते हैं।

 

Advertisement