नई दिल्ली। कर्ज के बोझ से दबी टेलीकॉम ऑपरेटर वोडाफोन आइडिया (VIL) की वित्तीय चुनौतियों में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। कंपनी ने गुरुवार को बताया है कि उसे अहमदाबाद के अतिरिक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) आयुक्त कार्यालय से 638 करोड़ रुपये के जुर्माने का आदेश प्राप्त हुआ है। कंपनी ने साफ किया है कि वह इस आदेश से असहमत है और इसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
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वोडाफोन आइडिया (VIL) द्वारा स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) को दी गई वैधानिक फाइलिंग के अनुसार, यह जुर्माना केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 74 के तहत लगाया गया है। जुर्माने की राशि ₹6,37,90,68,254 (करीब 638 करोड़ रुपये) है। कर प्राधिकरण ने कंपनी पर टैक्स के कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अधिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है। कंपनी के अनुसार, अधिकतम वित्तीय प्रभाव कर मांग, ब्याज और लगाए गए जुर्माने की सीमा तक हो सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि जीएसटी जुर्माने का यह आदेश ऐसे समय में आया है जब महज एक दिन पहले ही कंपनी को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली थी। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने वोडाफोन आइडिया के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया को फ्रीज करने का निर्णय लिया था।