नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर एसआईआर को लेकर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, एसआईआर के दबाव में आज फिर हमने जलपाईगुडी के माल में एक बूथ लेवल अधिकारी को खो दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि, काम में असहनीय दबाव के कारण ये हुआ है। इससे पहले भी वो सवाल उठा चुकी हैं।
पढ़ें :- 'Form 6' को लेकर चुनाव आयोग में आपत्तियां, SIR और वोटर डेटाबेस पर भी उठे सवाल, 10 महीने में 14 बार दर्ज हुई आपत्ति
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, गहरा सदमा और दुःख हुआ। आज फिर, हमने जलपाईगुड़ी के माल में एक बूथ लेवल अधिकारी शांति मुनि एक्का, एक आदिवासी महिला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को खो दिया, जिन्होंने चल रहे एसआईआर (SIR) कार्य के असहनीय दबाव में अपनी जान ले ली।
उन्होंने आगे लिखा, एसआईआर (SIR) शुरू होने के बाद से अब तक 28 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, कुछ डर और अनिश्चितता के कारण, तो कुछ तनाव और काम के बोझ के कारण।तथाकथित भारतीय चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए अनियोजित और अथक कार्यभार के कारण इतनी कीमती जानें जा रही हैं। एक प्रक्रिया जो पहले 3 साल में पूरी होती थी, अब राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए चुनाव से ठीक पहले 2 महीने में पूरी की जा रही है, जिससे बीएलओ पर अमानवीय दबाव पड़ रहा है। मैं चुनाव आयोग से आग्रह करती हूं कि वह विवेक से काम ले और और जानें जाने से पहले इस अनियोजित अभियान को तुरंत रोके।
पढ़ें :- Election Commission Rift : कांग्रेस बोली- मोदी के चहेते ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में चला रहे हैं अपनी मनमर्जी