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जूनियर इंजीनियर ने खोली यूपी जल जीवन मिशन में हो रहे भ्रष्टाचार की पोल, विभाग के प्रमुख पर भी उठाए सवाल, राष्ट्रपति से लेकर सीएम तक की शिकायत

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। इस भ्रष्टाचार में विभाग से लेकर काम करने वाले ठेकेदार तक शामिल हैं। भ्रष्टाचार के कारण उत्तर प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर अभी पानी की टंकियां तक नहीं बन पाई हैं, जबकि कई जगहों पर काम नहीं पूरा होने के बाद भी करोड़ों के खर्च का बोर्ड लगा दिया गया है। ये बातें इस योजना में काम करने वाले जूनियर इंजीनियर अभय सिंह कह रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक इस योजना में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत कर चुके हैं। यही नहीं वो लगातार विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव पर भी भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। इसको लेकर वो लगातार सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं।

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मऊ के कोपागंज निवासी अभय सिंह जल नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर काम करते थे। इन्होंने जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाली कंपनियों की लापरवाही और अधिकारियों की मिलीभगत को उजागर करना शुरू किया। इस पर ठेकेदारों और अधिकारियों के द्वारा इनको धमकाया जाने लगा। अभय सिंह का आरोप है कि, कंपनी का भ्रष्टाचार उजागर करने के बाद ठेकेदारों के द्वारा अंजाम भुगतने, ट्रांसफर कराने समेत अन्य प्रकार की धमकियां दी गईं। इसकी शिकायत उन्होंने राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री तक की की।

अपनी शिकायत में अभय सिंह ने कहा कि, वह पेयजल स्वच्छता नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग जल शक्ति उत्तर प्रदेश जनपद मऊ में जूनियर इंजीनियर (सिविल) के पद पर कार्यरत थे। मुख्यमंत्री को उन्होंने अप्रैल 2025 में पत्र लिखा। इसमें उन्होंने लिखा, वह सरकार की मंशा के अनुरूप जीरो टॉलरेंस भ्रष्टाचार नीति के तहत अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी निष्ठा से कार्य किया। लेकिन अधिशासी निदेशक के द्वारा मुझे प्रताड़ित किया गया। उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

पानी की टंकियां गिरने पर भी उठाया सवाल
अभय सिंह ने फेसबुक पर पानी की टंकियां गिरने के मामले में अपर प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा कि, प्रमुख सचिव की जिसके कार्यकाल में पिछले एक साल में करोड़ों रुपयों की लागत से बनी 10 से 15 पानी की टंकियां गिर चुकी हैं और आने वाले समय में और कितना गिरेगी? उन्होंने लिखा कि, ये सब भ्रष्टाचार के कारण हो रहा है।

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निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाने का आरोप
अभय सिंह ने ये भी आरोप लगाया कि, जल जीवन मिशन के कार्य में घटिया ईंट से लेकर सीमेंट का प्रयोग किया गया है। इसका वीडियो और फोटो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।इसके साथ ही इसकी शिकायत विभाग के मौजूदा अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

लखनऊ में पानी की टंकी पर चढ़ा
यही नहीं, जल जीवन मिशन के काम में हो रहे भ्रष्टाचार में कार्रवाई नहीं होने पर अभय सिंह राजधानी लखनऊ के चारबाग स्थित एक पानी की टंकी पर भी चढ़ गए थे। उन्होंने इस दौरान योजना में शामिल भ्रष्टाचारी अफसरों पर कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि, उस दौरान पुलिस अफसरों ने अभय सिंह को समझा बुझाकर नीचे उतार लिया था।

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