Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. राघव चड्डा पर AAP का बड़ा एक्शन, उपनेता पद से हटाया और बोलने पर भी लगी रोक

राघव चड्डा पर AAP का बड़ा एक्शन, उपनेता पद से हटाया और बोलने पर भी लगी रोक

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को बड़ा एक्शन लेते हुए पार्टी के सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। अब आप सांसद अशोक मित्तल राज्यसभा में उप नेता होंगे। AAP ने राज्यसभा सचिवालय (Rajya Sabha Secretariat) को पत्र सौंपा है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी (AAP)  ने राज्यसभा सचिवालय (Rajya Sabha Secretariat)  को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha)  को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए।

पढ़ें :- अब डॉ.अशोक कुमार मित्तल होंगे आप के राज्यसभा में उपनेता, इतने करोड़ की संपत्ति के हैं मालिक

मोबाइल उपभोक्ताओं को मिले डाटा रोलओवर की सुविधा : राघव चड्ढा

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha)  ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए।

चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता को अपना बचा हुआ डाटा दूसरों को ट्रांसफर करने का अधिकार भी मिलना चाहिए। आप सांसद ने अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ऐसी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं।

वर्तमान में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद मौजूद हैं। इनमें से 7 सांसद पंजाब राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि 3 सांसद दिल्ली से हैं। पिछले दिनों राघव चड्डा की भाजपा से कथित नजदीकियां भी खूब चर्चा में रही हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने राघव चड्डा के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की चल रही अटकलों पर विराम लगाया था। इन सभी कयासों को सिरे से खारिज करते हुए, संजय सिंह ने इन अफवाहों को पूरी तरह से निराधार बताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ऐसी कोई संभावना है।

पढ़ें :- बचा हुआ इंटरनेट डाटा आधी रात को क्यों हो जाता है खत्म? सांसद राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों के नियमों पर उठाए सवाल

सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी के कारण उठीं अटकलें

राघव चड्डा के भाजपा में शामिल होने की अटकलों को तब हवा मिली जब दिल्ली आबकारी नीति मामले में पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की रिहाई के बाद भी चड्डा पार्टी कार्यालय, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया से नदारद रहे। इस बड़ी जीत पर उनकी तरफ से कोई खास प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। हालांकि, संजय सिंह ने यह स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों में सार्वजनिक मंचों पर राघव चड्डा की सक्रियता और उपस्थिति कम हुई है। ‘इंडिया टुडे’ से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि राघव चड्डा खुद इस बात का बेहतर जवाब दे सकते हैं कि उनकी सार्वजनिक भागीदारी में कमी क्यों आई है।

राघव चड्डा कौन हैं?

राघव चड्डा AAP के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और प्रवक्ता हैं। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। वे राज्यसभा के सबसे युवा सदस्यों में शुमार हैं। दिसंबर 2023 में, जब AAP सांसद संजय सिंह जेल में थे तब राघव चड्डा को पार्टी का राज्यसभा लीडर नियुक्त किया गया था। उन्होंने संसद में कई मुद्दे उठाए, जैसे बच्चों की शिक्षा की बढ़ती लागत, कॉर्पोरेट फ्रॉड, ‘राइट टू रिकॉल’ (मतदाताओं को विधायकों/सांसदों को बीच में हटाने का अधिकार) आदि। हाल ही में वे पार्टी के कुछ मामलों में चुप्पी साधे हुए थे, जिस पर सवाल भी उठे थे।

डॉ. अशोक कुमार मित्तल कौन हैं?

पढ़ें :- बैंकों ने 3 साल में 'न्यूनतम बैलेंस' न रखने पर वसूले 19000 करोड़, राघव चड्ढा ने इस जुर्माने को खत्म करने का रखा प्रस्ताव

डॉ. अशोक कुमार मित्तल पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखते हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के फाउंडर चांसलर हैं। व्यवसायी से राजनेता बने मित्तल ने 2022 में ही पंजाब से AAP टिकट पर राज्यसभा का चुनाव जीता था। वे शिक्षा क्षेत्र में अपनी पहचान रखते हैं और कानून की डिग्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से हासिल की है। वे AAP के सक्रिय सांसद रहे हैं और सदन में स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखते आए हैं।

Advertisement