शरीर सेहत का आईना होता है। शरीर में किसी भी तरह की दिक्कत होने पर कुछ लक्षण पहले ही नजर आने लगते है। अगर बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो गई है तो ये छोटी छोटी समस्याएं शरीर में नजर आती है। दरअसल ब्लड वेसल्स में जब फैट का डिपॉजिट होने लगता है तो ब्लड का सर्कुलेशन शरीर में स्लो हो जाता है।
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जिसकी वजह से शरीर में लक्षण दिखते है। जिसे नजरअंदाज करना हार्ट के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अगर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा हो तो आंखों के आसपास स्किन पर हल्के पीले रंग के छोटे छोटे दाने निकल जाते है। जो काफी कड़े होते है और आसानी से नहीं जाते है। इस तरह के दानों को लोग स्किन प्रॉब्लम्स समझते है लेकिन यह बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर दूसरा लक्षण होता है जरा का काम या वर्कआउट करके सांस फूलने लगती है। जो संकेत है कि ब्लड सर्कुलेशन शरीर में सही तरीके से नहीं हो रहा। कुछ लोगो को आंखों के कॉर्निया के आस पास ग्रे या पीले रंग का सर्किल या पैच दिखने लगता है। अगर हाथ पैर काफी ठंडे रहते है और सुन्न हो जाते है। झनझनाहट होने लगती है तो कई बार ये बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने की वजह से होता है। इतना ही नहीं शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर थकान और सुस्ती महसूस होती है।