कन्नौज। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में लगातार प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साध रहे हैं। कभी उर्दू भाषा को लेकर तो कभी महाकुंभ में दुष्प्रचार का आरोप लगा रहे हैं। तो वहीं, अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी पलटवार ने बड़ा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री की भाषा और उनके कपड़ों को लेकर सपा सांसद ने कहा कि कोई भगवा पहनने से क्या योगी हो जाता है? रावण भी सीता का अपहरण करने साधु के भेष में आया था। इसलिए हमको और आपको सावधान रहना पड़ेगा।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि क्या भगवा कपड़े पहनने से कोई योगी हो जाता है? भारत के लोग खासकर गांव के लोग जो रामायण देखते हैं, जानते हैं। उन्हें पता है कि माता सीता का जब अपहरण हुआ था तो रावण भी साधु के भेष में आया था। यह पूरा प्रदेश जानता है, हिंदू समाज के लोग जानते हैं कि जब रावण को सीता मां का हरण करना था तो रावण साधु के भेष में आया था, इसलिए हमको और आपको सावधान रहना पड़ेगा। ऐसे लोगों से हमें सावधान रहना पड़ेगा जिनका व्यवहार और भाषा खराब हो गया है।
अखिलेश ने आगे कहा कि यह अनड्रेमोक्रेटिक लैंग्वेज बोल रहे हैं। समाजवादी का मतलब सबका साथ, समाजवादी का मतलब सबको सम्मान और समाजवादी का मतलब सबको साथ लेकर चलना है। हमारे मुख्यमंत्री को कुछ पता नहीं है। ये पहले ऐसे सीएम हैं जिन्हें कुछ जानकारी नहीं है। समाजवादी पार्टी के एक्स हैंडल पर शेयर एक अन्य वीडियो में अखिलेश यादव बोलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री को होश ही नहीं है कि समाजवादी शब्द कॉन्स्टिट्यूशन का है। अगर 100 नंबर और एंबुलेंस को किसी ने बर्बाद किया है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं जो योगी नहीं हैं। सपा प्रमुख ने आगे कहा कि पिछले 9 बजटों में प्रदेश किसानों के लिए कुछ नहीं यह सरकार कर पा रही है। यह सरकार खाद, समय पर बीज उपलब्ध भी नहीं कर पा रही है।
मुख्यमंत्री योगी और भारतीय जनता पार्टी ने एक भी बिजली का कारखाना नहीं लगाया। इन्होंने महाकुंभ में तमाम हमारे श्रद्धालुओं की जान ले ली, कोई मदद नहीं की। इसी तरीके से जितने भी समाजवादी लोगों को झूठा फसाया गया है, न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा, न्यायालय उनके केस भी खत्म कर देगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह अपने आप को चमकाना चाहते थे, अपने आप को चमकाते चमकाते इन्होंने व्यवस्था खराब कर दी। जब-जब मुख्यमंत्री गए होंगे प्रयागराज तब तब वहां आग लगी है। जिन्हें लगता है कि समाजवादी सरकार में जो कुंभ का आयोजन हुआ था उसमें कुछ कमियां रह गई थी तो वह यह किताब जरूर पढ़े, हार्वर्ड की स्टडी पढ़े। कन्नौज के सभी लोगों को गर्व होना चाहिए इस बात का कि सम्राट हर्षवर्धन ने कभी कुंभ शुरू किया था और सभी धर्मों को वो बुलाते थे।