लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत की स्थिति पर कहा कि LPG का मतलब अब ‘लापता गैस’ है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर कह रही है कि स्टॉक भरा हुआ है तो फिर लोग लाइन में क्यों लगे हैं? उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे ज्यादा अफवाह तो मुख्यमंत्री ही फैलाते हैं। अगर एलपीजी है तो आप लोगों को दीजिए।
पढ़ें :- बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का मास्टरस्ट्रोक, राज्य में पांच नए ST-SC और OBC 'सांस्कृतिक एवं विकास बोर्ड' का होगा गठन
"सबसे ज्यादा अफवाह कोई फैलता है तो मुख्यमंत्री हैं। अगर गैस है तो दीजिए आप, अगर स्टॉक भरा पड़ा है तो लोग लाइन में क्यों लगे हैं?"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/qzzS6FYd3n
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) March 12, 2026
पढ़ें :- Menstrual Leave Petition : पीरियड्स लीव याचिका पर CJI सूर्यकांत का 'सुप्रीम इनकार', बोले-खत्म हो जाएगा महिलाओं का करियर , नहीं देगा कोई नौकरी
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भाजपावाले कह रहे हैं कि ‘गैस’ की कोई कमी नहीं है तो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करनेवाले उनके मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद और करोड़ों कार्यकर्ता और उनके गैर पंजीकृत (unregistered) संगी-साथी (अपने पुराने इतिहास को दोहराते हुए) Underground (भूमिगत) क्यों हो गये हैं। वो भूमिगत ठिकानों से निकलें और जनता के बीच जाकर गैस एजेंसियों से गैस दिलवाएं।
"LPG की इधर लोगों ने नई परिभाषा दे दी है लापता गैस। अब लोग लकड़ी और कंडे ढूंढ रहे हैं।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/M2ueitbGje
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) March 12, 2026
पढ़ें :- रसोई गैस संकट पर कांग्रेस ने पीएम मोदी को घेरा, बोली- जुमलों की गैस बहुत हुई, अब असली सिलेंडर दो भाजपा सरकार
अब क्या जनता भाजपाइयों के घरों का घेराव करे या उनके कार्यालयों, प्रतिष्ठानों या फिर (भाजपा का झंडा उतारी हुई) उनकी गाड़ियों का। सच तो ये है कि किल्लत जितनी बढ़ती है, भाजपा उतना ही उसे नकारने का झूठ बढ़ा देती है… कोरोना में ऑक्सीजन गैस से लेकर, आज खाने व अन्य तरह की गैस हो या फिर खाद की किल्लत सबके बारे में भाजपाइयों की यही चाल रहती है। भाजपा आपदा में कालाबाज़ारी ढूँढ लेती है।
अगर भाजपावाले कह रहे हैं कि ‘गैस’ की कोई कमी नहीं है तो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करनेवाले उनके मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद और करोड़ों कार्यकर्ता और उनके unregistered संगी-साथी (अपने पुराने इतिहास को दोहराते हुए) Underground क्यों हो गये हैं। वो भूमिगत ठिकानों से निकलें… pic.twitter.com/VWZv1xYVZh
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 13, 2026
भाजपा की ग़लतियों का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते? सत्ताधारी भाजपा और झूठी सेवा का ‘शताब्दीय’ दावा करनेवाले उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथी भूख से तड़प रहे लोगों के लिए मुफ़्त भोजनालय चलाएं; नहीं तो नज़र न आएं।