1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. UN- ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर बातचीत के लिए कई देशों को किया आमंत्रित, भारत के विदेश सचिव इस बैठक में हुए शामिल

UN- ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर बातचीत के लिए कई देशों को किया आमंत्रित, भारत के विदेश सचिव इस बैठक में हुए शामिल

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के भारत के रुख को दोहराया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, स्वतंत्र और खुले वाणिज्यिक शिपिंग के साथ समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता है।

By Satish Singh 
Updated Date

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के भारत के रुख को दोहराया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, स्वतंत्र और खुले वाणिज्यिक शिपिंग के साथ समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता है। एक मीडिया ब्रीफिंग में बोलते हुए जायसवाल ने बताया कि यूके ने भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और भारत के विदेश सचिव इस बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत, ईरान और अन्य देशों के संपर्क में है ताकि LPG, LNG और अन्य उत्पाद ले जाने वाले भारतीय जहाजों के लिए निर्बाध आवागमन और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जा सके।

पढ़ें :- Indian Ship Attacked in Hormuz :  होर्मुज के पास भारतीय जहाज पर हमला , भारत ने कहा- "अस्वीकार्य"

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि UK पक्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर बातचीत के लिए कई देशों को आमंत्रित किया है, जिनमें भारत भी शामिल है। हमारी ओर से विदेश सचिव इस बैठक में शामिल हुए हैं। हम ईरान और वहां के अन्य देशों के संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम अपने उन जहाजों के लिए निर्बाध और सुरक्षित आवागमन कैसे प्राप्त कर सकते हैं, जो LPG, LNG और अन्य उत्पादों को ले जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से चल रही इस बातचीत के माध्यम से हमारे छह भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहे हैं, और हम संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के संबंध में, जायसवाल ने कहा कि लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक GCC देशों में रहते हैं। वे सभी सुरक्षित हैं। इन सभी देशों में हमारे दूतावास उनके साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में अब तक आठ भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है और एक के लापता होने की सूचना है। विदेश मंत्रालय हमारे जहाजरानी मंत्रालय और इस क्षेत्र में स्थित हमारे सभी भारतीय दूतावासों के समन्वय से हम अपने नागरिकों की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। हम खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित सभी घटनाक्रमों सहित सभी गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

भारत ने ईरान से 204 नागरिकों को अज़रबैजान की ओर स्थलीय सीमा के रास्ते बाहर निकालने में भी सहायता की है और आने वाले दिनों में और भी नागरिकों के लौटने की उम्मीद है। जायसवाल ने अज़रबैजान सरकार को उसके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि हमारे कई भारतीय नागरिक ज़मीनी सीमा के रास्ते ईरान से अज़रबैजान निकल पाए हैं और वहां से वे अपने घर लौटेंगे। उनमें से कई लौट चुके हैं और बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे। हम अज़रबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने ज़मीनी सीमा के रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने में हमारी मदद की। UN सुरक्षा परिषद में बहरीन के प्रस्ताव के बारे में जायसवाल ने कहा कि यह खास प्रस्ताव अभी UN सुरक्षा परिषद में विचाराधीन है। हमें इस प्रस्ताव की जानकारी है। हमें यह भी पता है कि संबंधित पक्ष अभी इस प्रस्ताव के मसौदे पर बातचीत कर रहे हैं। जहां तक भारत की बात है हम अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, स्वतंत्र और खुले वाणिज्यिक जहाज़रानी के साथ समुद्री सुरक्षा के पक्ष में हैं। हम होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने की बात को प्राथमिकता के तौर पर लगातार उठाते रहे हैं। साथ ही हम पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...