पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को एक हैरान करने वाला मोड़ व टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के लिए राहत भरी खबर आई है। 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को विधानसभा में वापस लाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने ममता को मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ने का न्योता दिया है। जिसे उन्होंने पहले अपने बेटे के लिए घोषित किया था।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को एक हैरान करने वाला मोड़ व टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी (TMC Supremo Mamata Banerjee) के लिए राहत भरी खबर आई है। ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को विधानसभा में वापस लाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने ममता को मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ने का न्योता दिया है। जिसे उन्होंने पहले अपने बेटे के लिए घोषित किया था। उन्होंने पार्टी की मौजूदा हालत के लिए अभिषेक को मुख्य कारण बताया। यह वही हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) हैं जिन्होंने कुछ महीने पहले टीएमसी (TMC) से अलग होकर ममता सरकार को गिराने की कसम खाई थी। बता दें कि टीएमसी से अलग होने के बाद हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने अपनी अलग पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई। वे दो सीटों रेजीनगर और नौदा से चुनाव लड़े थे, दोनों ही सीटों पर उन्होंने जीत हासिल की।
ऋतब्रत और संदीपन ने ममता बनर्जी को दिया धोखा
उन्होंने आगे कहा कि ऋतब्रत और संदीपन ने ममता बनर्जी को धोखा दिया है। ममता को संसदीय राजनीति में बने रहना चाहिए और वे उन्हें रेजिनगर से सीट की पेशकश कर रहे हैं। हुमायूं कबीर ने साल 2026 के विधानसभा चुनावों में मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों, नौदा और रेजीनगर से जीत दर्ज की है। चुनाव नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। कबीर ने कहा कि वे रेजीनगर सीट खाली करने के लिए तैयार हैं। उनके इस्तीफा देने के बाद वहां उपचुनाव होगा, जिसमें ममता बनर्जी चुनाव लड़ सकती हैं।
रेजीनगर में कबीर खुद इस्तीफा देकर उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे
कबीर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी उनके पास आती हैं, तो वे उन्हें रेजीनगर से विधानसभा भेज सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ममता नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो वे वहां से नहीं जीत पाएंगी। लेकिन रेजीनगर में कबीर खुद इस्तीफा देकर उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही हैं। टीएमसी चुनाव हार चुकी है और 28 साल पुरानी इस पार्टी में बड़ी बगावत हो गई है। वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली कर दी है और भवानीपुर सीट अपने पास रखी है। शुभेंदु ने भवानीपुर में ही ममता बनर्जी को मात दी थी।
हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद के एक प्रभावशाली मुस्लिम नेता माने जाते हैं। पिछले साल पार्टी नेतृत्व से विवाद के बाद उन्हें टीएमसी से निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई और ममता सरकार के सबसे बड़े आलोचक बन गए। वे लगातार सरकार को हटाने की मांग करते रहे थे।
आज भले ही कोई ममता की बात न सुनता हो, लेकिन रेजीनगर में हुमायूं कबीर का शब्द ही आखिरी होता है
हालांकि, अब कबीर के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि आज ममता जिस स्थिति में हैं, उसे देखकर उन्हें बहुत दुख होता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे आज जो कुछ भी हैं, ममता बनर्जी की वजह से ही हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी ताकत का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि आज भले ही कोई ममता की बात न सुनता हो, लेकिन रेजीनगर में हुमायूं कबीर का शब्द ही आखिरी होता है।
यह एक बड़ी विडंबना है। जो नेता साल भर से ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने में जुटा था, वही अब उन्हें सदन में वापस लाने का रास्ता दिखा रहा है। ममता बनर्जी इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेंगी, यह अभी अनिश्चित है। लेकिन इस प्रस्ताव ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।