बेंगलुरु में बदहाल और गड्ढों से भरी सड़कें एक बार फिर मासूम नागरिकों के लिए काल बन रही हैं। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के पास अनंतनगर मेन रोड पर सड़क की बेहद खराब स्थिति के कारण हुए एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय महिला 'मेधा' की मौत हो गई। वह अपने एक सहकर्मी के साथ दोपहिया वाहन पर पीछे बैठकर सफर कर रहीं थीं। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में नागरिक प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
बेंगलुरु। बेंगलुरु में बदहाल और गड्ढों से भरी सड़कें एक बार फिर मासूम नागरिकों के लिए काल बन रही हैं। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के पास अनंतनगर मेन रोड पर सड़क की बेहद खराब स्थिति के कारण हुए एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय महिला ‘मेधा’ की मौत हो गई। वह अपने एक सहकर्मी के साथ दोपहिया वाहन पर पीछे बैठकर सफर कर रहीं थीं। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में नागरिक प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
पैदल यात्री को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मेधा अपने सहकर्मी अजय गुरु के साथ बाइक से जा रही थीं। तभी उनके आगे चल रही एक कार ने सड़क पार कर रहे एक पैदल यात्री को बचाने के लिए एकाएक ब्रेक लगा दिए। इस कार को रुकता देख अजय ने भी अपनी बाइक के ब्रेक लगाए। क्योंकि सड़क की स्थिति पहले से ही जर्जर थी और वहां कीचड़ फैला हुआ था, अचानक ब्रेक लगते ही बाइक असंतुलित होकर बाईक फिसल गई। बाइक के फिसलते ही पीछे बैठी मेधा झटके के चलते उछलकर सड़क के दाहिनी ओर गिर गईं। इसी बीच विपरीत दिशा से आ रहा एक मिनी मालवाहक वाहन उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। गंभीर रूप से घायल मेधा को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत करार दिया। आपको बता दें कि मृतक महिला ईपीएफ (EPF) की कर्मचारी थीं और उनका 3 साल का एक बच्चा है।इस घटना के बाद मौके से मिनी ट्रक का चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। इस दर्दनाक सड़क हादसे की की सूचना मिलते ही हेब्बागौड़ी पुलिस और इलेक्ट्रॉनिक सिटी ट्रैफिक पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक की पहचान के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही हैं।
स्थानीय निवासियों गुस्से में निकाला कैंडललाइट मार्च
इस दर्दनाक हादसे के बाद अनंतनगर और इलेक्ट्रॉनिक सिटी के स्थानीय लोगों ने दुर्घटनास्थल पर एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी स्थानीय निकाय ने सड़कों की मरम्मत नहीं कराई। इसी के चलते यह जानलेवा हादसा हुआ। आपको बता दें कि मेधा को न्याय दिलाने और बदहाल सड़कों को तुरंत ठीक करने की मांग को लेकर निवासियों ने एक मौन कैंडललाइट मार्च भी निकाला है।