मुरादाबाद। यूपी (UP) के मुरादाबाद जिले में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के जिला कार्यालय को खाली कराने के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने जिला प्रशासन की कार्रवाई पर अंतरिम राहत देते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इसकी अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को तय की है। दरअसल, मुरादाबाद के सिविल लाइंस स्थित सपा कार्यालय को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था।
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जिला प्रशासन ने मुरादाबाद सपा कार्यालय खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस में दो सप्ताह में सपा का दफ्तर खाली करने को कहा गया था। सपा की ओर से नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। जस्टिस अरिंदम सिंह और जस्टिस सत्यवीर सिंह की डबल बेंच ने सुनवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक के लिए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। समाजवादी पार्टी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता शशिनंदन, विनीत विक्रम और कुणाल शाह ने पक्ष रखा।
प्रशासन का कहना था कि यह भवन सरकारी संपत्ति है और इसे अवैध रूप से पार्टी कार्यालय के रूप में उपयोग किया जा रहा है। वहीं, समाजवादी पार्टी नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया था। सपा जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब तक मामले की पूरी कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक यथास्थिति बनाए रखी जाए। इस आदेश से सपा नेताओं को फिलहाल राहत मिली है। पार्टी का दावा है कि यह भवन वर्षों से किराए पर लिया गया है और इसकी सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड में यह भवन सरकारी भूमि पर दर्ज है।