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कॉसमॉस हॉस्पिटल के डॉक्टर के पास नेफ्रोलॉजिस्ट डिग्री नहीं फिर भी किडनी के मरीज का रहा है इलाज, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत का लगायी न्याय की गुहार

By Sushil Singh 
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मुरादाबाद :- कॉसमॉस होस्पिटल मुरादाबाद द्वारा बिना किसी विषेशता प्रमाण पत्र के डॉक्टर राकेश कुमार को किडनी विषेशज्ञ के रूप में जनता के समक्ष प्रस्तुत कर लोगो का इलाज कर अवैध धन वसुलने एवं मरीजों की जिन्दीगी से खिलवाड़ करने के सम्बन्ध मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर पीड़िता ने न्याय की गुहार लगायी है. पीड़ित का आरोप है कि कॉस्मोस हॉस्पिटल में तैनात डॉक्टर राकेश कुमार जो कि स्वंय को नेफॉलॉजीस्ट (किडनी) विशेषज्ञ बताकर मरीजो का इलाज करते है जबकि वास्तविक्ता डॉक्टर राकेश कुमार के पास ऐसी कोई विशेषज्ञ की योग्यता नहीं है.

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सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रहने वाले शौर्य धर ने आरोप लगाया है कि मेरी बहन रिचा द्विवेदी उम्र 58 वर्ष की अचानक 20 मार्च को तबीयत खराब हुई जिसके बाद शौर्य ने अपनी बहन को कॉसमॉस हॉस्पिटल मुरादाबाद भर्ती कराया गया. पीड़ित की बहन का इलाज हॉस्पिटल का डॉक्टर राकेश कुमार अपूर्व मित्तल एवं निमेश गुप्ता द्वारा करना शुरू किया गया. पीड़ित अपनी बहन का इलाज कॉसमॉस हॉस्पिटल मुरादाबाद मे नकद भुगतान के आधार पर कराता रहा. डॉक्टर राकेश कुमार के दिशा निर्देश पर अपनी बहन का 8 बार डायलिसिस कराया. 31 मार्च को पीड़ित की बहन को हॉस्पिटल से डिस्चार्च कर दिया गया हॉस्पिटल में 11 दिन रहने के दौरान प्रार्थी की बहन पर लगभग 2.5 लाख रूपये खर्च किया गया परन्तु इतना पैसा खर्च करने के बाद भी की बहन कि सेहत में कोई लाभ नहीं हुआ. पीड़ित शौर्य धर का आरोप है कि डॉक्टर राकेश कुमार जो कि स्वंय को नेफॉलॉजीस्ट विषेशज्ञ बताकर मरीजो का इलाज करता है जबकि वास्तविक्ता यह है कि डॉक्टर राकेश कुमार के पास ऐसी कोई विशेषज्ञ की योग्यता नहीं है. जिससे वह स्वंय को नेफॉलॉजीस्ट (किडनी विशेषज्ञ) कह सके. डॉ राकेश कुमार द्वारा लोगो के साथ किये जा रहे इस धोखाधड़ी जालसाजी के कारोवार में कॉसमॉस हॉस्पिटल का मैनीजिंग डायरेक्टर डॉक्टर अनुराग अग्रवाल भी शामिल है. यह दोनो लोग मिलकर लोगो से किडनी का इलाज कराने के नाम पर पैसा हड़पते है. जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्पष्ट दिशा निर्देश दिये गये है कि किसी भी डायलिसिस करने के लिये 1500 रुपये से 3500 रुपये से अतिरिक्त वसूली नही की जा सकती जबकि डॉक्टर अनुराग अग्रवाल एवं डॉक्टर राकेश एक डायलिसिस के नाम पर 15000 रुपये लेते जिसका साक्ष्य पीड़ित के पास उपलब्ध है. इस प्रकार स्पष्ट है कि कॉसमॉस हॉस्पिटल स्वंय को अनुचित लाभ देने के उद्देश्य से जनता के साथ धोखाधड़ी कर रहा है. ऐसे डॉक्टरो को विषेशज्ञ बताकर लोगो का इलाज कराता है जो किसी प्रकार की कोई विशेषता नहीं रखते. प्रार्थी द्वारा जब इस धोखा धड़ी की जानकारी मिलने पर अस्पताल प्रशासन से इसकी शिकायत की तो परिवार को जान से मार दिया जाएगा या झूठे मुकदमे मे फसाकर जेल भेज दिया जायेगा. पीड़ित शौर्य धर ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर ने न्याय की गुहार लगायी है. साथ ही हॉस्पिटल के सख्त कार्यवाही की जाये.

सुशील कुमार सिंह

मुरादाबाद

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