नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा (Professor GN Saibaba) को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) से बड़ी राहत (Big Relief) मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने नक्सली से जुड़े मामले में उन्हें बरी कर दिया है और उनकी उम्रकैद की सजा रद्द की। जस्टिस विनय जोशी और जस्टिस वाल्मिकी एसए मेनेजेस की पीठ ने यह फैसला सुनाया है। बता दें कि जीएन साईबाबा और अन्य आरोपियों को 2014 में माओवादी गुटों से जुड़े होने और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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साईबाबा सहित 6 आरोपी बरी
बता दें कि जिन आरोपियों को हाई कोर्ट से राहत मिली है, उनमें जीएन साईबाबा, हेम मिश्रा, महेश तिर्की, विजय तिर्की, नारायण सांगलीकर, प्रशांत राही और पांडु नरोटे (इनकी मौत हो चुकी है) शामिल हैं। बता दें कि दो जजों की इस बेंच ने साईबाबा की अपील पर दोबारा सुनवाई की. यह इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाई कोर्ट के पहले बरी करने के आदेश को रद्द कर दिया था।
इसके बाद साईबाबा ने दोबारा अपील की थी। बता दें कि साईबाबा और अन्य सहयोगियों द्वारा दायर अपील पर अंतिम सुनवाई 7 सितंबर 2023 को पूरी हुई थी। मगर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।