Lucknow : प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच छिड़ा विवाद अब सियासी रूप ले रहा है। इस विवाद में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता कूद पड़े हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया है कि भाजपा के महाभ्रष्ट राज में मेले के नाम पर पचासों हज़ार की महा-रकम कमीशन के रूप में गटक जाने का नया खेल शुरू हुआ है।
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उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से प्रशासन पर लगाए गए आरोपों का वीडियो शेयर किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा, “भाजपा के महाभ्रष्ट राज में मेले के नाम पर पचासों हज़ार की महा-रकम कमीशन के रूप में गटक जाने का नया खेल शुरू हुआ है। इसीलिए उन साधु-संतों को भी सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जो मेले की शोभा होते हैं। जिनका दर्शन मात्र ही आशीर्वाद होता है, उनके साथ बेहद आपत्तिजनक-अपमानजनक हिंसक दुर्व्यवहार शासन-प्रशासन इसलिए कर रहा है क्योंकि ‘मेला महाभ्रष्टाचार’ की कमीशनख़ोरी के इस गोरखधंधे में भाजपाई गुट की मिलीभगत है।”
भाजपा के महाभ्रष्ट राज में मेले के नाम पर पचासों हज़ार की महा-रकम कमीशन के रूप में गटक जाने का नया खेल शुरू हुआ है। इसीलिए उन साधु-संतों को भी सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जो मेले की शोभा होते हैं। जिनका दर्शन मात्र ही आशीर्वाद होता है, उनके साथ बेहद आपत्तिजनक-अपमानजनक हिंसक… pic.twitter.com/yysJrzD9tw
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 20, 2026
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अखिलेश यादव ने आगे लिखा, “इसीलिए जो भी मेले की दुर्व्यवस्था और बदइंतज़ामी के बारे में बोलेगा वो भाजपाई और उनके संगी-साथियों के साथ-साथ ‘संगीधिकारियों’ के निशाने पर होगा और सरेआम शिकार होगा। मेलाक्षेत्र के संजय का ‘धृतराष्ट्र’ कौन है, जिसको आँखों देखा हाल सुनाया-दिखाया जा रहा था। भाजपा को कमिश्नर की जगह ‘कमीशनर’ की नयी पोस्ट बना देनी चाहिए। कुछ तो है जिसमें हिस्सेदारी है।”