Mufti Shamail Nadvi’s Controversial Remark: एक डिबेट में मुफ्ती शमाइल नदवी ने ‘शरीयत को भारत के संविधान से ऊपर’ बताया था। नदवी के इस बयान की सोशल मीडिया पर लोग कड़ी आलोचना कर रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। इसके साथ ही शुक्ला ने इस मामले में मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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दरअसल, मुफ्ती शमाइल नदवी ने एक डिबेट में कहा था कि मुसलमान हमेशा अपने दीन से ऊपर संविधान को रखते आए हैं, लेकिन ऐसा करना गलत था। उनके इस बयान की मुस्लिम संगठनों ने भी आलोचना की है। शमाइल नदवी के बयान पर मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन शुजात अली कादरी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “मौलाना नदवी का यह बयान भारत के संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ है। भारत का मुसलमान न तो हिन्दू राष्ट्र का समर्थक है और न ही वहाबी शरीयत के नाम पर किसी धार्मिक शासन का।”
बिल्कुल सही बात । इस मौलाना के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए । संविधान के ऊपर कुछ नहीं है । https://t.co/KN4kMc1k54
— Rajeev Shukla (@ShuklaRajiv) December 28, 2025
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कादरी ने आगे लिखा, “हमारा रास्ता संविधान, लोकतंत्र और समान नागरिक अधिकार हैं। ऐसे बयान अनुच्छेद 14, 15, 19 व 25 की भावना के ख़िलाफ़ हैं और BNS धारा 196 व 197 के तहत दंडनीय हैं।” इस पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “बिल्कुल सही बात । इस मौलाना के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए । संविधान के ऊपर कुछ नहीं है।”